उन्होंने कहा, "झुकती है दुनिया बस झुकाने वाला चाहिए।" उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद समर्थकों ने खुशी जाहिर की और जश्न मनाना शुरू कर दिया।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद अभिजीत दीपके का पहला बयान भी सामने आ गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मौजूद अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, "झुकती है दुनिया बस झुकाने वाला चाहिए।" उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद समर्थकों ने खुशी जाहिर की और जश्न मनाना शुरू कर दिया।
जंतर-मंतर से लोगों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि पहले कहा जाता था कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं देता, लेकिन आखिरकार ऐसा हुआ। उन्होंने कहा, "36 दिन तक हर रोज मुझसे पूछा जाता था कि क्या इस्तीफा होगा? लोग कहते थे कि सरकार नहीं झुकेगी और क्रांति नहीं होगी, लेकिन आज सरकार झुक गई और क्रांति हो गई।" उनके इस बयान के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी भी की।
अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि जब वह अमेरिका से भारत लौट रहे थे, तब कई लोग सवाल उठा रहे थे कि आंदोलन का क्या नतीजा निकलेगा। उन्होंने कहा, "जब मैं अमेरिका से निकला था, तब कहा जा रहा था कि क्या होगा, लेकिन आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।" उन्होंने इसे छात्रों के आंदोलन और जनता के दबाव का परिणाम बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने खुशी जाहिर की। प्रदर्शन स्थल पर नारेबाजी, तालियां और जश्न का माहौल देखने को मिला। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन की बड़ी सफलता है और छात्रों की आवाज को आखिरकार सुना गया है।
बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा भेजने के साथ एक पत्र भी साझा किया है। हालांकि, पत्र में क्या लिखा गया है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे होने वाले फैसलों पर बनी हुई है।
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