कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का न्योता मिला है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने दीपके से अपनी पार्टी में शामिल होने की अपील की है।

Abhijeet Deepke : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का न्योता मिला है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने दीपके से अपनी पार्टी में शामिल होने की अपील की है। आठवले का कहना है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक न्याय के सपने को आगे बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने के लिए दीपके को RPI(A) का हिस्सा बनना चाहिए। हालांकि, रामदास आठवले के इस प्रस्ताव पर अभिजीत दीपके की ओर से अभी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दीपके पहले भी तत्काल राजनीति में उतरने से दूरी बनाए रखने की बात कह चुके हैं। उनकी अगुवाई में CJP ने जून-जुलाई के दौरान जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन भी चलाया था। Abhijeet Deepke
रॉयटर्स से बातचीत में अभिजीत दीपके ने तत्काल राजनीति में प्रवेश करने से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बड़ी संख्या में लोग उन्हें राजनीति में आने के लिए कहते हैं, तो वह इस विकल्प पर विचार कर सकते हैं। दीपके ने चुनाव लड़ने की संभावना को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उनका कहना है कि जनता की मांग होने पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में केवल एक नई राजनीतिक पार्टी बना देना किसी समस्या का समाधान नहीं है। Abhijeet Deepke
अगस्त के पहले सप्ताह में CJP ने अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया था। उस समय संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया था कि फिलहाल CJP को औपचारिक राजनीतिक दल में बदलने की योजना नहीं है। संगठन का फोकस जमीनी स्तर पर काम करने और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर रहेगा। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा था कि कई लोग संगठन को राजनीतिक दल के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा समय में एक और राजनीतिक दल खड़ा करने के बजाय जमीनी मुद्दों पर काम करना अधिक जरूरी है। उनका कहना था कि संगठन फिलहाल लोगों के बीच जाकर काम करेगा और वहीं से जागरूकता पैदा करने की कोशिश की जाएगी। Abhijeet Deepke
अभिजीत दीपके ने शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। दीपके ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि CJP सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी इसी तरह अभियान चलाएगी। दीपके के मुताबिक, आजादी के 80 साल बाद भी यदि सरकारी स्कूलों में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। Abhijeet Deepke
दीपके ने सरकारी स्कूलों की स्थिति का आंकलन करने के लिए एक सूची तैयार करने की बात कही। इस सूची के जरिए यह दर्ज किया जाएगा कि संबंधित स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के साथ देश के अन्य हिस्सों के सरकारी स्कूलों से भी जानकारी जुटाकर उसका संकलन किया जाएगा। अभियान के अगले चरण में महाराष्ट्र के अलग-अलग तालुकों में जाकर सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने की योजना है। CJP की ओर से राजस्थान के सरकारी स्कूलों का भी दौरा करने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि इन अभियानों के जरिए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े जमीनी मुद्दों को सामने लाने और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करने का प्रयास किया जाएगा। Abhijeet Deepke
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