कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र आंदोलनों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत को लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन की प्रेरणा लेने के लिए बांग्लादेश या नेपाल की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है।

Abhijeet Deepke : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र आंदोलनों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत को लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन की प्रेरणा लेने के लिए बांग्लादेश या नेपाल की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि भारत के पास महात्मा गांधी की अहिंसक आंदोलन की विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को शांतिपूर्ण विरोध का रास्ता दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों की तुलना पड़ोसी देशों के आंदोलनों से करना उचित नहीं है। Abhijeet Deepke
छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में अभिजीत दीपके ने निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन की उस टिप्पणी को भी खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन की तुलना वर्ष 2024 के बांग्लादेश छात्र आंदोलन से की गई थी। दीपके ने कहा कि इस तरह की तुलना आंदोलन को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और बदनाम करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत में छात्रों ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, जहां छात्रों ने संयम बनाए रखा और किसी भी प्रकार की हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। Abhijeet Deepke
दीपके ने कहा कि भारत के छात्र आंदोलनों की तुलना नेपाल या बांग्लादेश की घटनाओं से नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और महात्मा गांधी की विचारधारा देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं पुलिस कार्रवाई की चर्चा हो रही है तो उसका मतलब यह नहीं कि भारतीय आंदोलन विदेशी आंदोलनों जैसे हैं।
उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद धैर्य और अनुशासन बनाए रखा। उनका कहना था कि यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान है। Abhijeet Deepke
अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में हर चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा शिक्षा होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि राजनीतिक दल शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देते, तो इसका अर्थ है कि वे देश के भविष्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर किया गया निवेश ही किसी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति की नींव बनता है। उन्होंने NEET परीक्षा से जुड़े उन अभ्यर्थियों के परिवारों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कथित दबाव और परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों को खो दिया। दीपके ने आरोप लगाया कि ऐसे परिवारों को अब तक पर्याप्त सहायता और मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। Abhijeet Deepke
दीपके ने कहा कि युवाओं को राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अपनी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत कटुता या अशोभनीय व्यवहार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है। उनके अनुसार, देश में शिक्षा पर अधिक निवेश की आवश्यकता है ताकि युवाओं को बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। Abhijeet Deepke
अभिजीत दीपके ने झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र सीबीआई जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं तो उनका संगठन इस मांग के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य में यदि छात्र अपने अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करेंगे, तो उनका संगठन उनका समर्थन करेगा। Abhijeet Deepke
जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में शामिल विपक्षी नेताओं का उल्लेख करते हुए दीपके ने कहा कि मंच पर मौजूद नेताओं ने अपने राजनीतिक दलों का प्रचार नहीं किया, बल्कि छात्रों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके अनुसार, सभी नेताओं ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई। दीपके ने बताया कि हाल के छात्र आंदोलन के बाद संगठन के विस्तार की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में संगठन की बैठक आयोजित होगी, जिसमें आगामी रणनीति और संगठन के विस्तार पर चर्चा की जाएगी। बैठक में स्वयंसेवकों और प्रमुख पदाधिकारियों के साथ भविष्य की कार्ययोजना तय की जाएगी। Abhijeet Deepke
शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखते हुए दीपके ने कहा कि विदेशों में शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और जिम्मेदार नागरिक बनने पर भी समान रूप से जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में भी शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यवहारिक और आधुनिक बनाने की जरूरत है। दीपके ने सरकार से शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होती है। उनका कहना था कि यदि शिक्षा पर पर्याप्त संसाधन लगाए जाएं तो देश के युवाओं को बेहतर भविष्य और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। Abhijeet Deepke
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