कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नागपुर से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अभियान के तहत आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी और आश्रम स्कूलों में शिक्षा, भोजन, भवन, रहने की व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

National News : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चलाए जा रहे अपने अभियान को अब आदिवासी क्षेत्रों तक ले जाने का ऐलान किया है। नागपुर में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत आदिवासी इलाकों के स्कूलों का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया जाएगा। दीपके का कहना है कि देश की आजादी के दशकों बाद भी आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। उन्होंने इस स्थिति के लिए किसी एक सरकार को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अलग-अलग सरकारों पर आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उनके मुताबिक अभियान का उद्देश्य सरकारों का ध्यान आदिवासी बच्चों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की ओर आकर्षित करना है। National News
CJP इससे पहले ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला चुकी है। इस अभियान के तहत पार्टी की टीमों ने अलग-अलग राज्यों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभियान के दौरान महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के स्कूलों का निरीक्षण किया गया। दीपके ने कहा कि अब इसी अभियान का विस्तार आदिवासी बहुल इलाकों तक किया जाएगा। उनका कहना है कि टीम यह देखने का प्रयास करेगी कि इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई, भोजन, रहने और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्तर पर उपलब्ध हैं। National News
अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों में आदिवासी छात्रों की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछले दो वर्षों में 590 से अधिक आदिवासी छात्रों की मौत हुई है। यह आंकड़ा उनके सार्वजनिक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट में भी सामने आया है। हालांकि, इस आंकड़े और मौतों के कारणों को लेकर स्वतंत्र सरकारी सत्यापन का विवरण उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। दीपके ने आरोप लगाया कि आदिवासी छात्रों को शिक्षा, भोजन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में असमानता का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें पर्याप्त सरकारी सहायता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना जरूरी है। National News
दीपके के मुताबिक ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान में टीम आदिवासी क्षेत्रों में जाकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति देखेगी। इसमें स्कूल भवन, बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, भोजन, रहने की व्यवस्था और पढ़ाई के माहौल जैसे मुद्दों पर जानकारी जुटाने की बात कही गई है। उन्होंने सरकारों से इन स्कूलों की स्थिति सुधारने की अपील की है। उनका कहना है कि अभियान किसी एक राजनीतिक सरकार को निशाना बनाने के बजाय आदिवासी बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने पर केंद्रित रहेगा। National News
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