भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का ऐलान, 19 तक नामांकन
इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के दिग्गज, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, शीर्ष पदाधिकारी और कई प्रदेश अध्यक्षों के कार्यक्रम में मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है।

BJP National President Election 2026 : देश की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्व की सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। पार्टी ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए साफ किया है कि 19 जनवरी तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे इसके तुरंत बाद पार्टी की अंदरूनी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि चर्चा है कि 20 जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से जिम्मेदारी संभालने की घोषणा हो सकती है। भाजपा नेतृत्व इस मौके को महज प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन की एकजुटता का बड़ा संदेश देने वाले भव्य व गरिमामय समारोह में बदलना चाहता है। इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के दिग्गज, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, शीर्ष पदाधिकारी और कई प्रदेश अध्यक्षों के कार्यक्रम में मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों बड़ा इवेंट बनाना चाहती है पार्टी?
भाजपा नेतृत्व नितिन नवीन की ताजपोशी को सिर्फ औपचारिक जिम्मेदारी-हस्तांतरण नहीं, बल्कि संगठन की ताकत दिखाने वाला संदेशात्मक मंच बनाना चाहता है। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी के जरिए पार्टी यह साफ करना चाहती है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सर्वोच्च है यहां चेहरा बदल सकता है, लेकिन कमान हमेशा संगठन के हाथ में रहती है। साथ ही, यह आयोजन भाजपा के उस रोडमैप का भी संकेत माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाकर भविष्य की राजनीति की बुनियाद मजबूत करना चाहती है। यही कारण है कि नितिन नवीन के साथ मंच पर मोदी-शाह की मौजूदगी को ‘सार्वजनिक समर्थन की मुहर’ के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पार्टी के भीतर उनके अधिकार और बाहर उनकी स्वीकार्यता दोनों और मजबूत हो सकें।
संगठन में बड़े बदलाव की आहट
कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही नितिन नवीन ने संगठन के भीतर लगातार सक्रियता बढ़ा दी है। बीते दिनों में उनकी कई वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकातें हुई हैं, जिन्हें सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि आगामी संगठनात्मक बदलावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी गलियारों में चर्चा है कि ताजपोशी के तुरंत बाद नितिन नवीन अपनी कोर टीम को अंतिम रूप देंगे और संगठन में नए चेहरों की एंट्री के साथ कुछ जिम्मेदारियों में फेरबदल भी संभव है। यानी भाजपा के भीतर जल्द ही नई टीम और नई रणनीति की तस्वीर साफ होती दिख सकती है।
सरकार में भी बदलाव संभव?
सियासी गलियारों में संकेत मिल रहे हैं कि बदलाव की हवा केवल संगठन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि केंद्र सरकार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। तर्क यह दिया जा रहा है कि कुछ नेताओं के संगठन में नई भूमिका संभालते ही मंत्रिमंडल में पुनर्संतुलन जरूरी हो जाएगा, ताकि सरकार और संगठन दोनों मोर्चों पर तालमेल बना रहे। इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि संघ (RSS) पृष्ठभूमि से जुड़े कुछ चेहरों को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। कुल मिलाकर, भाजपा में आने वाले दिनों में टीम-रीसेट और पावर-रीअलाइनमेंट की पटकथा लिखी जाती दिख रही है।
नामांकन प्रक्रिया कैसी होगी?
पार्टी सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन अकेले नामांकन कर सकते हैं, यानी चुनाव औपचारिकता भर रहने की संभावना है। 18 या 19 जनवरी को नामांकन दाखिल होने, फिर निर्वाचन की घोषणा और 20 जनवरी को पदभार ग्रहण/ताजपोशी जैसे कार्यक्रम की रूपरेखा सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी मकर संक्रांति के बाद इस आयोजन को अंतिम रूप देने के मूड में है। BJP National President Election 2026
BJP National President Election 2026 : देश की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्व की सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। पार्टी ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए साफ किया है कि 19 जनवरी तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे इसके तुरंत बाद पार्टी की अंदरूनी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि चर्चा है कि 20 जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से जिम्मेदारी संभालने की घोषणा हो सकती है। भाजपा नेतृत्व इस मौके को महज प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन की एकजुटता का बड़ा संदेश देने वाले भव्य व गरिमामय समारोह में बदलना चाहता है। इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के दिग्गज, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, शीर्ष पदाधिकारी और कई प्रदेश अध्यक्षों के कार्यक्रम में मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों बड़ा इवेंट बनाना चाहती है पार्टी?
भाजपा नेतृत्व नितिन नवीन की ताजपोशी को सिर्फ औपचारिक जिम्मेदारी-हस्तांतरण नहीं, बल्कि संगठन की ताकत दिखाने वाला संदेशात्मक मंच बनाना चाहता है। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी के जरिए पार्टी यह साफ करना चाहती है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सर्वोच्च है यहां चेहरा बदल सकता है, लेकिन कमान हमेशा संगठन के हाथ में रहती है। साथ ही, यह आयोजन भाजपा के उस रोडमैप का भी संकेत माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाकर भविष्य की राजनीति की बुनियाद मजबूत करना चाहती है। यही कारण है कि नितिन नवीन के साथ मंच पर मोदी-शाह की मौजूदगी को ‘सार्वजनिक समर्थन की मुहर’ के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पार्टी के भीतर उनके अधिकार और बाहर उनकी स्वीकार्यता दोनों और मजबूत हो सकें।
संगठन में बड़े बदलाव की आहट
कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही नितिन नवीन ने संगठन के भीतर लगातार सक्रियता बढ़ा दी है। बीते दिनों में उनकी कई वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकातें हुई हैं, जिन्हें सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि आगामी संगठनात्मक बदलावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी गलियारों में चर्चा है कि ताजपोशी के तुरंत बाद नितिन नवीन अपनी कोर टीम को अंतिम रूप देंगे और संगठन में नए चेहरों की एंट्री के साथ कुछ जिम्मेदारियों में फेरबदल भी संभव है। यानी भाजपा के भीतर जल्द ही नई टीम और नई रणनीति की तस्वीर साफ होती दिख सकती है।
सरकार में भी बदलाव संभव?
सियासी गलियारों में संकेत मिल रहे हैं कि बदलाव की हवा केवल संगठन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि केंद्र सरकार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। तर्क यह दिया जा रहा है कि कुछ नेताओं के संगठन में नई भूमिका संभालते ही मंत्रिमंडल में पुनर्संतुलन जरूरी हो जाएगा, ताकि सरकार और संगठन दोनों मोर्चों पर तालमेल बना रहे। इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि संघ (RSS) पृष्ठभूमि से जुड़े कुछ चेहरों को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। कुल मिलाकर, भाजपा में आने वाले दिनों में टीम-रीसेट और पावर-रीअलाइनमेंट की पटकथा लिखी जाती दिख रही है।
नामांकन प्रक्रिया कैसी होगी?
पार्टी सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन अकेले नामांकन कर सकते हैं, यानी चुनाव औपचारिकता भर रहने की संभावना है। 18 या 19 जनवरी को नामांकन दाखिल होने, फिर निर्वाचन की घोषणा और 20 जनवरी को पदभार ग्रहण/ताजपोशी जैसे कार्यक्रम की रूपरेखा सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी मकर संक्रांति के बाद इस आयोजन को अंतिम रूप देने के मूड में है। BJP National President Election 2026












