भोपाल किसान आंदोलन के दौरान ACP मोनिका शुक्ला ने प्रदर्शनकारियों की बस के सामने खड़े होकर उसे रोक दिया। जानिए कौन हैं यह बहादुर आईपीएस अधिकारी।

Example of Bravery : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी का साहस पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने जब पुलिस की बैरिकेडिंग के लिए खड़ी बस को हटाने की कोशिश की, तभी एडिशनल पुलिस कमिश्नर (ACP) मोनिका शुक्ला अकेले बस के सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने अपने दोनों हाथ फैलाकर बस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके साहस व कर्तव्यनिष्ठा की सराहना कर रहे हैं।
Example of Bravery
भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले हजारों किसान मूंग की फसल की 100 फीसदी एमएसपी पर खरीद, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और समय पर खाद उपलब्ध कराने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान कुछ किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने के साथ वहां खड़ी बसों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया। तभी ACP मोनिका शुक्ला बस के सामने खड़ी हो गईं और उसे आगे नहीं बढ़ने दिया। कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारी पीछे हट गए।
Example of Bravery
मोनिका शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती भोपाल में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं मुख्यालय) के पद पर है। उन्होंने सितंबर 2025 में इस पद का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे विदिशा और इंदौर सहित कई जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। पुलिस सेवा के दौरान अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों के सफल प्रबंधन के लिए उनकी पहचान बनी है। वर्ष 2021 में उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए इंडियन पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
Example of Bravery
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग ACP मोनिका शुक्ला को 'लेडी सिंघम' कहकर संबोधित कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि एक अधिकारी का यह साहस बताता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस किस तरह जोखिम उठाती है। हालांकि कुछ लोगों ने इसे अत्यधिक जोखिम भरा कदम भी बताया और कहा कि ऐसी स्थिति में अधिकारी की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है।
Example of Bravery
भोपाल में किसानों का आंदोलन मुख्य रूप से मूंग की फसल की खरीद को लेकर था। किसानों की मांग थी कि सरकार 100 फीसदी उपज की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करे। इसके अलावा ई-टोकन व्यवस्था को खत्म करने और खाद की उपलब्धता आसान बनाने की भी मांग की गई। आंदोलन के बाद सरकार ने किसानों के साथ बातचीत की और कई मांगों पर सहमति बनने के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। सरकार ने ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने और खरीद प्रक्रिया में राहत देने का भी फैसला किया।
Example of Bravery
विज्ञापन