Adani Group को तगड़ा झटका, विदेशी निवेशकों ने खींचे 3,000 करोड़!
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:30 AM
सितंबर 2025 की तिमाही में अडानी ग्रुप की कंपनियों से विदेशी निवेशकों ने बड़ी मात्रा में पूंजी निकाली है। आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) ने समूह की 8 में से 5 कंपनियों में हिस्सेदारी घटाते हुए करीब 7,000 करोड़ रुपये के शेयर बाजार में बेचे हैं। इस बिकवाली से बाजार में हलचल तेज हो गई है। Adani Group Share
सबसे ज्यादा बिकवाली Adani Energy Solutions में
सबसे ज्यादा असर Adani Energy Solutions पर देखने को मिला जहां विदेशी निवेशकों ने करीब 2,927 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे एफआईआई की हिस्सेदारी घटकर 15.9% से 13.1% रह गई। अबू धाबी की Envestcom Holding RSC जिसके पास पहले 2.68% हिस्सेदारी थी अब शेयरधारकों की सूची में दिखाई नहीं दे रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि उसने पूरी हिस्सेदारी बेच दी या 1% से कम रखी है।इसके अलावा GQG Partners ने भी इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाई है और करीब 460 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर 1.86% पर आ गए हैं।
Adani Power और Ambuja Cements भी निशाने पर
दूसरे नंबर पर सबसे ज़्यादा बिकवाली Adani Power में हुई जहां 2,580 करोड़ रुपये के शेयर एफआईआई ने निकाले। इसमें अकेले GQG Partners ने 660 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी घटाई, बाकी का हिस्सा अन्य विदेशी निवेशकों ने बेचा। Ambuja Cements में भी विदेशी निवेशकों ने लगभग 2,110 करोड़ रुपये की निकासी की। वहीं, Adani Green Energy में 227 करोड़ रुपये और Adani Total Gas में 87 करोड़ रुपये की बिकवाली दर्ज हुई।
कुछ कंपनियों में निवेश भी बढ़ा
हालांकि, सभी कंपनियों में से बाहर नहीं निकले निवेशक। Adani Enterprises में एफआईआई ने 505 करोड़ रुपये का नया निवेश किया। इसी तरह Adani Ports and SEZ में 272 करोड़ और ACC Ltd में 132 करोड़ रुपये का ताजा निवेश देखा गया। घरेलू म्यूचुअल फंड्स की बात करें तो उन्होंने इस तिमाही में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया और अपनी हिस्सेदारी लगभग स्थिर रखी।
सेबी की सफाई और अमेरिकी जांच
इसी बीच बाजार के लिए थोड़ी राहत भरी खबर आई। SEBI ने अपनी जांच में कहा है कि Adani Ports और Adani Power ने किसी भी नियामकीय नियम का उल्लंघन नहीं किया है। हालांकि, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा दर्ज 2,083 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच अब भी जारी है।
इस पूरी स्थिति ने शेयर बाजार में हलचल तो बढ़ा दी है लेकिन निवेशकों के बीच राय बंटी हुई है। कुछ इसे जोखिम भरा संकेत मानकर दूरी बना रहे हैं वहीं कुछ इसे दीर्घकालिक निवेश का मौका समझकर नजर गड़ाए हुए हैं। अगली तिमाही में विदेशी निवेशकों की रणनीति क्या होगी, यह अडानी ग्रुप के शेयरों की चाल को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है। Adani Group Share