
Aditya L1 : चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिक मिशन सन में जुट गए हैं। मिशन सन के तहत आदित्य एल1 (Aditya L1) की लांचिंग की तैयारी जोरों शोरों से की जा रही है। आदित्य एल-1 की सफलता को लेकर ISRO के वैज्ञानिकों ने तिरुमाला के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की और आदित्य L-1 (Aditya L1) की सफल लॉन्चिंग के लिए प्रार्थना की।
आपको बता दें कि चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग और उसकी चांद पर सफल लैडिंग से पहले ISRO के वैज्ञानिकों ने तिरुपति बालाजी में जाकर वेंकटेश्वर भगवान के दर्शन किए थे और चंद्रयान-3 की सफलता के लिए प्रार्थना की थी। वहीं चंद्रयान की सफलता के बाद इसरो प्रमुख सोमनाथ मंदिर दर्शन किए थे।
23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 के चांद के साउथ पोल पर सफल लैडिंग के बाद अब इसरो के वैज्ञानिकों को अपने इस सूर्य मिशन से बहुत उम्मीदें हैं। वहीं भारत के पहले इस सौर मिशन पर दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नजरें टिकी हुई हैं।
भारत का पहला सौर मिशन आदित्य-एल1 को इसरो के वैज्ञानिक 2 सितंबर को सुबह 11.50 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से लॉन्च करेंगे। इसरो के PSLV-C57 रॉकेट के माध्यम ये आदित्य एल1 को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। PSLV-C57 भारी भरकम और विशाल रॉकेट है। इसरो का PSLV-C57 रॉकेट 2 सितंबर को सुबह 11.50 पर उड़ान भरेगा और अगले पांच साल तक आदित्य एल1 सूर्य का अध्ययन करेगा।
इसको प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया कि आदित्य L1 की लॉन्च किए जाने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, रॉकेट लॉन्च से पहले इसकी रिहर्लसल भी पूरी हो चुकी है। इसरो की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसका लाइव देखा जा सकता है। लाइव सुबह 11:20 पर शुरू हो जाएगा। Aditya L1