
Ankita Bhandari : उत्तराखंड की बहुचर्चित और दिल दहला देने वाली अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार दो वर्ष आठ महीने की लंबी अदालती प्रक्रिया के बाद न्याय की घोषणा हो गई है। कोटद्वार की जिला अदालत ने इस जघन्य अपराध में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य समेत उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि पीड़िता के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
30 मई 2025 को कोटद्वार की जिला अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने का आदेश दिया गया। यह फैसला न केवल कानूनी प्रक्रिया की एक अहम उपलब्धि है, बल्कि न्याय व्यवस्था में आमजन की आस्था को भी मजबूती प्रदान करता है।
अगस्त 2022: अंकिता भंडारी, जो पौड़ी जिले के यमकेश्वर की निवासी थीं, ने 28 अगस्त को वनतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम शुरू किया। रिज़ॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य था, जो उस समय बीजेपी नेता विनोद आर्य का पुत्र था।
17-18 सितंबर: रिजॉर्ट में कार्य के दौरान 17 सितंबर को पुलकित और अंकिता के बीच तीखी कहासुनी हुई। अगले दिन अंकिता रहस्यमयी हालात में लापता हो गईं।
19-22 सितंबर: परिवार ने बेटी के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह रहा। इस बीच, अंकिता की आवाज़ वाला एक ऑडियो भी सामने आया जिसमें वह मदद की गुहार लगाती सुनी गई।
24 सितंबर: अंकिता का शव ऋषिकेश स्थित चीला नहर से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि विवाद के बाद पुलकित ने उसे नहर में धक्का दे दिया था। पुलकित और उसके दो सहयोगी — सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता — को हिरासत में लिया गया।
अक्टूबर 2022: जनदबाव को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हुआ।
दिसंबर 2022: SIT ने अदालत में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाहों के बयान शामिल थे। मुख्य अभियुक्त पुलकित पर हत्या, यौन उत्पीड़न और अनैतिक गतिविधियों में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए गए।
जनवरी 2023 – मई 2025: मुकदमे की विधिवत सुनवाई जनवरी 2023 से आरंभ हुई। अभियोजन पक्ष ने गवाही में 97 में से 47 गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत किया। अंतिम बहस 19 मई 2025 को अभियोजन वकील अवनीश नेगी द्वारा पूरी की गई। Ankita Bhandari