"आपरेशन सिंदूर" के बाद "आपरेशन महादेव" में बड़ी सफलता, श्रीनगर में तीन आतंकवादी ढेर
Srinagar Encounter
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 02:05 AM
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवाद पर करारा प्रहार किया है। श्रीनगर के जबरवान इलाके में चलाए गए "आॅपरेशन महादेव" के तहत सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के बाद लगातार जारी जवाबी अभियानों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसने आतंक के आकाओं में खलबली मचा दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों की फिलहाल शिनाख्त नहीं हो सकी है, लेकिन प्रारंभिक इनपुट्स यह संकेत देते हैं कि वे टीआरएफ (द रेसिस्टेंस फ्रंट) जैसे संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। वही संगठन जो 22 अप्रैल 2025 को अनंतनाग के बैसरन घाटी में हुए दर्दनाक पर्यटक हमले के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। Srinagar Encounter
कैसे हुआ आपरेशन?
सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और उधमपुर स्थित राष्ट्रीय राइफल्स की विशेष यूनिट ने जबरवान के ऊपरी दाचीगाम वन क्षेत्र में घेराबंदी की। गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुआ यह सर्च आॅपरेशन जल्द ही मुठभेड़ में बदल गया, जब आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकवादी मारे गए। अभियान अभी भी जारी है और पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
पहलगाम हमले से कैसे जुड़ा है आपरेशन महादेव?
विशेषज्ञों के अनुसार, "आॅपरेशन महादेव" "आपरेशन सिंदूर" की ही रणनीतिक अगली कड़ी है। उल्लेखनीय है कि "आॅपरेशन सिंदूर", 6-10 मई 2025 के बीच पाक-अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के भीतर चलाया गया वह हवाई हमला था, जिसका उद्देश्य था, पहलगाम हमले के साजिशकतार्ओं और उनके संरचनात्मक ढांचे को नेस्तनाबूद करना।
"आपरेशन सिंदूर" और "महादेव" का सैन्य संदेश
भारत सरकार ने साफ किया है कि ये कार्रवाइयां युद्ध को न्यौता नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ आत्मरक्षा की रणनीति का हिस्सा हैं। इन अभियानों से यह संदेश भी गया है कि भारत अब केवल सीमा पार हमलों का जवाब ही नहीं देगा, बल्कि आतंकी योजनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए तत्काल एक्शन लेगा, चाहे वो एलओसी के इस पार हों या उस पार।
राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं
इन सैन्य अभियानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की रणनीति पर चर्चा हो रही है। अमेरिका, फ्रांस और इजराइल जैसे देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, जबकि पाकिस्तान की ओर से बयानबाजी और "संप्रभुता उल्लंघन" की पुरानी रट फिर से दोहराई गई है। "आॅपरेशन महादेव" इस बात का संकेत है कि भारतीय सुरक्षा बल अब आतंकवादियों को खोजकर, घेरकर, और नेस्तनाबूद करने की नीति पर चल रहे हैं। श्रीनगर की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह जता दिया है कि देश की सरहदें ही नहीं, उसके नागरिकों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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