500 करोड़ के कारोबार पर बड़ा संकट! जाएंगी हजारों नौकरियां?
भारत
चेतना मंच
02 Sep 2025 03:31 PM
उत्तर प्रदेश का आगरा जितना अपने ताजमहल के लिए मशहूर है उतना ही मशहूर वहां के मीठे और खास पेठे के लिए भी है। लेकिन अब आगरा के इस मिठास पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के आसपास चल रही पेठा फैक्ट्रियों को हटाने का आदेश दिया है। इससे न सिर्फ करीब 500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा बल्कि 5 हजार से ज्यादा लोगों की रोज़ी-रोटी पर भी खतरा आ गया है। Supreme Court
क्या है मामला?
खबरों की मानें तो, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया है कि ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में मौजूद सभी पेठा यूनिट्स को वहां से हटाया जाए। यह इलाका करीब 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसमें ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। कोर्ट का कहना है कि यहां हो रही औद्योगिक गतिविधियों से प्रदूषण बढ़ रहा है जिससे विरासत स्थलों को नुकसान हो सकता है। सरकार को इन यूनिट्स को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
कारोबारी और कर्मचारी परेशान
पेठा कारोबारियों के मुताबिक, यह फैसला उनके लिए बड़ा झटका है। गिरीश कुमार सिंघल, जो नूरी गेट के पास 25 साल से पेठे की दुकान चला रहे हैं, कहते हैं, “हमारा सब कुछ इसी दुकान पर टिका है। अगर इसे यहां से हटा दिया गया, तो हम कहां जाएंगे? नई जगह पर दुकान खोलना आसान नहीं है।” उनकी दुकान पर हर दिन करीब 1,000 किलो पेठा बनता और बिकता है। अगर कोर्ट का फैसला लागू होता है, तो ऐसे कई दुकानदार और उनके साथ काम करने वाले कारीगर बेरोजगार हो सकते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब TTZ में कार्रवाई हुई हो। साल 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने इस जोन में कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। फिर साल 2013 में भी कोयला लाने वाले ट्रकों पर बैन लगाया गया था ताकि वायु प्रदूषण को रोका जा सके। Supreme Court