देश के कई बड़े न्यायालयों को मिली बम धमकी, जांच में जुटी पुलिस
Bomb Threat: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कोर्ट परिसर में यह धमकियां भेजी गईं। ई‑मेल मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड तुरंत कार्रवाई में जुट गए। न्यायालय परिसरों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया।

आज भारत के अलग‑अलग हिस्सों में न्यायालयों को ई‑मेल के जरिए बम धमकी भरे संदेश मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस हर दिशा में जांच कर रही हैं। इतना ही नहीं न्यायालय परिसरों के आसपास तलाशी अभियान भी चलाया गया।
धमकियों का सिलसिला जारी
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के न्यायालयों को ई‑मेल के जरिए धमकी भरे संदेश मिले हैं। इन संदेशों में कहा गया था कि यदि बताया गया समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालयों को बम से उड़ाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान कहीं भी कोई बम या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश में फिर अफरातफरी
उत्तर प्रदेश के कई न्यायालयों को धमकी भरे ई‑मेल मिलने से न्यायालय परिसर में अफरातफरी मची। अमरोहा जिला न्यायालय को 10 दिनों में दूसरी बार धमकी का ई‑मेल मिला जिससे न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी आतंकित हो गए। पुलिस और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंचे और परिसर के अलावा आसपास के इलाके की तलाशी ली गई। इस दौरान भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
बंगाल और झारखंड में भी चेतावनी
पश्चिम बंगाल में आसनसोल और सिउड़ी समेत कई जिला अदालतों को भी बम धमकी भरे ई‑मेल मिले जिससे वहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच और तलाशी अभियान चलाया। इसी तरह झारखंड के धनबाद सिविल कोर्ट को भी धमकी भरा ई‑मेल मिला जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराकर खोज‑बीन शुरू की गई।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बढ़ाई गईराजस्थान उच्च न्यायालय को भी ई‑मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी प्राप्त हुई। पुलिस, बम निरोधक और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया, न्यायालय परिसर का तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इसी तरह छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और बलौदाबाजार जिला कोर्ट को भी धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच की जा रही है।
धमकियां फर्जी निकलीं
इन सभी घटनाओं में यह बात सामने आई है कि बम धमकियां फर्जी थीं और कोई भी वास्तविक विस्फोटक या खतरनाक सामग्री नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियां साइबर सेल के साथ मिलकर ई‑मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का रिस्पॉन्स
हर मिल रही ई‑मेल को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड को तुरंत सक्रिय किया जा रहा है। न्यायालय परिसरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है, तलाशी ली जाती है और हर चीज का विस्तार से निरीक्षण किया जाता है ताकि किसी भी खतरे से पहले ही बचा जा सके।
आज भारत के अलग‑अलग हिस्सों में न्यायालयों को ई‑मेल के जरिए बम धमकी भरे संदेश मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस हर दिशा में जांच कर रही हैं। इतना ही नहीं न्यायालय परिसरों के आसपास तलाशी अभियान भी चलाया गया।
धमकियों का सिलसिला जारी
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के न्यायालयों को ई‑मेल के जरिए धमकी भरे संदेश मिले हैं। इन संदेशों में कहा गया था कि यदि बताया गया समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालयों को बम से उड़ाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान कहीं भी कोई बम या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश में फिर अफरातफरी
उत्तर प्रदेश के कई न्यायालयों को धमकी भरे ई‑मेल मिलने से न्यायालय परिसर में अफरातफरी मची। अमरोहा जिला न्यायालय को 10 दिनों में दूसरी बार धमकी का ई‑मेल मिला जिससे न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी आतंकित हो गए। पुलिस और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंचे और परिसर के अलावा आसपास के इलाके की तलाशी ली गई। इस दौरान भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
बंगाल और झारखंड में भी चेतावनी
पश्चिम बंगाल में आसनसोल और सिउड़ी समेत कई जिला अदालतों को भी बम धमकी भरे ई‑मेल मिले जिससे वहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच और तलाशी अभियान चलाया। इसी तरह झारखंड के धनबाद सिविल कोर्ट को भी धमकी भरा ई‑मेल मिला जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराकर खोज‑बीन शुरू की गई।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बढ़ाई गईराजस्थान उच्च न्यायालय को भी ई‑मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी प्राप्त हुई। पुलिस, बम निरोधक और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया, न्यायालय परिसर का तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इसी तरह छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और बलौदाबाजार जिला कोर्ट को भी धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच की जा रही है।
धमकियां फर्जी निकलीं
इन सभी घटनाओं में यह बात सामने आई है कि बम धमकियां फर्जी थीं और कोई भी वास्तविक विस्फोटक या खतरनाक सामग्री नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियां साइबर सेल के साथ मिलकर ई‑मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का रिस्पॉन्स
हर मिल रही ई‑मेल को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड को तुरंत सक्रिय किया जा रहा है। न्यायालय परिसरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है, तलाशी ली जाती है और हर चीज का विस्तार से निरीक्षण किया जाता है ताकि किसी भी खतरे से पहले ही बचा जा सके।












