जानें क्या ब्रिटेन के शाही परिवार पर भी लगता है टैक्स?
शाही सदस्यों की आय का एक और बड़ा स्रोत 'डची' हैं—डची ऑफ लैंकेस्टर (मोनार्क के लिए) और डची ऑफ कॉर्नवाल (प्रिंस ऑफ वेल्स के लिए)। इन ऐतिहासिक संपदाओं से होने वाली कमाई पर कोई कॉर्पोरेशन टैक्स नहीं लगता।

Royal Family Tax: ब्रिटिश रॉयल फैमिली (शाही परिवार) पर टैक्स लगता है या नहीं, यह अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है। आम नागरिकों के मुकाबले रॉयल फैमिली को नियंत्रित करने वाला कानूनी ढांचा काफी अलग है। दरअसल, तकनीकी तौर पर ब्रिटिश शासक (मोनार्क) को कुछ टैक्स देने के लिए कानूनी तौर पर मजबूर नहीं किया जा सकता, लेकिन पिछले कुछ दशकों से परिवार ने स्वेच्छा से टैक्स देने का रास्ता अपनाया है।
क्या है कानूनी बाध्यता?
यूनाइटेड किंगडम के संवैधानिक सिद्धांतों के तहत, मोनार्क को इनकम टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स या इनहेरिटेंस टैक्स देने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य नहीं किया जा सकता। इसकी वजह यह है कि संसद द्वारा पारित कोई भी कानून 'क्राउन' (शाही ताज) को तब तक स्वतः लागू नहीं होता, जब तक कि उसमें साफ तौर पर ऐसा उल्लेख न किया गया हो।
1993 से बदला रवैया
हालांकि, साल 1992 में क्वीन एलिजाबेथ II ने यह घोषणा की थी कि वह अपनी निजी आय (पर्सनल इनकम) पर अपनी मर्जी से इनकम टैक्स देंगी। यह फैसला 1993 से लागू हुआ और वर्तमान समय में किंग चार्ल्स III के कार्यकाल में भी यह व्यवस्था जारी है। इसी तरह, प्रिंस ऑफ वेल्स (प्रिंस विलियम) भी अपनी निजी आय और डची से होने वाली कमाई पर टैक्स देते हैं।
सॉवरेन ग्रांट पर कोई टैक्स नहीं
शाही खर्चों का एक बड़ा हिस्सा 'सॉवरेन ग्रांट' से आता है। यह यूके ट्रेजरी (सरकारी खजाने) से मिलने वाला पैसा होता है, जिसका इस्तेमाल आधिकारिक कामों, स्टाफ की सैलरी, यात्राओं और बकिंघम पैलेस जैसी प्रॉपर्टीज की मरम्मत में होता है। इस पर कोई टैक्स नहीं लगता क्योंकि इसे शासक की निजी आय नहीं माना जाता, यह एक प्रकार की सार्वजनिक फंडिंग है।
डची से होने वाली कमाई
वरिष्ठ शाही सदस्यों की आय का एक और बड़ा स्रोत 'डची' हैं—डची ऑफ लैंकेस्टर (मोनार्क के लिए) और डची ऑफ कॉर्नवाल (प्रिंस ऑफ वेल्स के लिए)। इन ऐतिहासिक संपदाओं से होने वाली कमाई पर कोई कॉर्पोरेशन टैक्स नहीं लगता। फिर भी, किंग चार्ल्स III और प्रिंस विलियम दोनों ही इनसे मिलने वाली अतिरिक्त आय (सरप्लस इनकम) पर स्वेच्छा से इनकम टैक्स चुकाते हैं।
अन्य शाही सदस्यों पर नियम
रॉयल फैमिली के अन्य सदस्य, जो कि बिजनेस, इन्वेस्टमेंट या नौकरी से निजी आय कमाते हैं, वे पूरी तरह से यूके के टैक्स कानूनों के दायरे में आते हैं। उन्हें किसी भी आम यूके निवासी की तरह ही इनकम टैक्स और कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है और इस मामले में उन्हें कोई विशेष छूट प्राप्त नहीं है। Royal Family Tax
Royal Family Tax: ब्रिटिश रॉयल फैमिली (शाही परिवार) पर टैक्स लगता है या नहीं, यह अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है। आम नागरिकों के मुकाबले रॉयल फैमिली को नियंत्रित करने वाला कानूनी ढांचा काफी अलग है। दरअसल, तकनीकी तौर पर ब्रिटिश शासक (मोनार्क) को कुछ टैक्स देने के लिए कानूनी तौर पर मजबूर नहीं किया जा सकता, लेकिन पिछले कुछ दशकों से परिवार ने स्वेच्छा से टैक्स देने का रास्ता अपनाया है।
क्या है कानूनी बाध्यता?
यूनाइटेड किंगडम के संवैधानिक सिद्धांतों के तहत, मोनार्क को इनकम टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स या इनहेरिटेंस टैक्स देने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य नहीं किया जा सकता। इसकी वजह यह है कि संसद द्वारा पारित कोई भी कानून 'क्राउन' (शाही ताज) को तब तक स्वतः लागू नहीं होता, जब तक कि उसमें साफ तौर पर ऐसा उल्लेख न किया गया हो।
1993 से बदला रवैया
हालांकि, साल 1992 में क्वीन एलिजाबेथ II ने यह घोषणा की थी कि वह अपनी निजी आय (पर्सनल इनकम) पर अपनी मर्जी से इनकम टैक्स देंगी। यह फैसला 1993 से लागू हुआ और वर्तमान समय में किंग चार्ल्स III के कार्यकाल में भी यह व्यवस्था जारी है। इसी तरह, प्रिंस ऑफ वेल्स (प्रिंस विलियम) भी अपनी निजी आय और डची से होने वाली कमाई पर टैक्स देते हैं।
सॉवरेन ग्रांट पर कोई टैक्स नहीं
शाही खर्चों का एक बड़ा हिस्सा 'सॉवरेन ग्रांट' से आता है। यह यूके ट्रेजरी (सरकारी खजाने) से मिलने वाला पैसा होता है, जिसका इस्तेमाल आधिकारिक कामों, स्टाफ की सैलरी, यात्राओं और बकिंघम पैलेस जैसी प्रॉपर्टीज की मरम्मत में होता है। इस पर कोई टैक्स नहीं लगता क्योंकि इसे शासक की निजी आय नहीं माना जाता, यह एक प्रकार की सार्वजनिक फंडिंग है।
डची से होने वाली कमाई
वरिष्ठ शाही सदस्यों की आय का एक और बड़ा स्रोत 'डची' हैं—डची ऑफ लैंकेस्टर (मोनार्क के लिए) और डची ऑफ कॉर्नवाल (प्रिंस ऑफ वेल्स के लिए)। इन ऐतिहासिक संपदाओं से होने वाली कमाई पर कोई कॉर्पोरेशन टैक्स नहीं लगता। फिर भी, किंग चार्ल्स III और प्रिंस विलियम दोनों ही इनसे मिलने वाली अतिरिक्त आय (सरप्लस इनकम) पर स्वेच्छा से इनकम टैक्स चुकाते हैं।
अन्य शाही सदस्यों पर नियम
रॉयल फैमिली के अन्य सदस्य, जो कि बिजनेस, इन्वेस्टमेंट या नौकरी से निजी आय कमाते हैं, वे पूरी तरह से यूके के टैक्स कानूनों के दायरे में आते हैं। उन्हें किसी भी आम यूके निवासी की तरह ही इनकम टैक्स और कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है और इस मामले में उन्हें कोई विशेष छूट प्राप्त नहीं है। Royal Family Tax












