
Akash Gurjar Case : आगरा। आगरा में गुर्जर समाज सड़कों पर है। यहां पर गुर्जरों का एक बड़ा आंदोलन हो रहा है। इस आंदोलन की मुख्य वजह पिछले दिनों गुर्जर समाज के युवक को पुलिस द्वारा फर्जी एनकाउंटर में मार दिया जाना हैं। गुर्जर समाज के लोगों ने मृतक युवक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की है। कोर्ट के फैसले के बाद गुर्जर समाज में भारी आक्रोश है। इस मामले को लेकर आगरा में गुर्जर समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। आकाश गुर्जर को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुर्जर समाज सड़क पर उतर आया है।
इस मामले के गर्म होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस पर सवालिया निशान लगाए हैं। अखिलेश ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि, ''निर्दोष #आकाशगुर्जर की हत्या को पचा नहीं पाएगी हत्यारी भाजपा सरकार। एक एक बूंद खून का हिसाब देना पड़ेगा। आकाश गुर्जर के परिवार को न्याय दो, नहीं तो कुर्सी छोड़ दो''
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि, भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश को फर्जी एनकाउंटर स्टेट न बनाए। उन्होंने अपने इस ट्वीट के माध्यम से योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है।
आपको बता दें कि 2022 में मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी 21 वर्षीय आकाश गुर्जर को खनन तस्कर बताकर आगरा पुलिस ने मुठभेड़ में तीन गोली मारी थी। 48 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद युवक ने दम तोड़ दिया था। अब छह महीने बाद आगरा जिला कोर्ट ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इसे फर्जी एनकाउंटर माना है। एक मां ने सबूत जुटाकर पुलिस की झूठी थ्योरी से पर्दा हटा दिया।
https://twitter.com/ManchChetna/status/1643197657471647750?t=qcF3NEzjGMs1I6AYdMWrBQ&s=08मृतक के रिश्तेदार नत्थी गुर्जर ने बताया कि आकाश अग्निवीर भर्ती में हिस्सा लेने के लिए आगरा अपने चचेरे भाई के पास गया था। पुलिस की तरफ से रेत माफियाओं के खिलाफ हुए एक कथित मुठभेड़ में उसे गोली मार दी गई और उसके ऊपर पुलिस की तरफ से कई धाराओं में केस भी दर्ज कर दिए गए। गोली लगने के बाद 48 दिन तक आकाश अस्पताल में मौत से लड़ता रहा और आखिकार ये जंग हार गया। इस मामले की लंबे समय तक सुनवाई हुई। कोर्ट ने आकाश की मां के पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले में मजिस्ट्रेट ने लिखा की मृतक की बूढ़ी मां है और उसका यह संवैधानिक हक है कि वह अपने पुत्र के मृत्यु के सही तथ्य से अवगत हो सके।
कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की कॉपी के अनुसार आकाश दिनांक 26 सितंबर 2022 को यह कहकर घर से निकला था कि वह अपने भाई विष्णू जो कि आगरा में केन्द्रीय आयुध डिपो में कार्य करते हैं, के पास जा रहा है और यह आगरा में अग्निवीर की भर्ती की जानकारी प्राप्त करेगा। 27 सितंबर 2022 को दोपहर में आकाश के पिता लाल सिंह को सूचना प्राप्त हुई कि आगरा पुलिस द्वारा मुठभेड़ में उनके बेटे को गोली लगी है और उसका इलाज आगरा में चल रहा है। लाल सिंह और ममता बाई के बेटे आकाश की इलाज के दौरान 13 नवंबर 2022 को केजीएमसी लखनउ में मृत्यु हो गई थी।
अदालत ने दिया मामला दर्ज करने का आदेश कोर्ट में ममता बाई और उनके पति के रिश्तेदार परमाल सिंह ने बताया कि दिनांक 26 सितंबर 2022 की शाम आकाश आगरा जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था इसके बाद वह बस से दिनांक 27 सितंबर 2022 की सुबह 4 से 4.30 बजे पिपरई से बैठकर आगरा रवाना हुआ था। कोर्ट ने माना कि प्रस्तुत तथ्य के अनुसार स्पष्ट है कि मृतक की पुलिस मुठभेड में गोली लगने से मृत्यु हुई है। इसलिए पुलिस एनकाउंटर में हुई मृत्यु की दशा में प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित किया जाना एवं स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराया जाना अति आवश्यक है।