Akhil Bhartiya Shiksha Samagam2023: भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों की दुकान बंद होगी,बोले PM Modi
Akhil Bhartiya Shiksha Samagam2023
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:00 AM
Akhil Bhartiya Shiksha Samagam2023: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश में हर भाषा को सम्मान मिलेगा। यही नहीं स्कूल से लेकर इंजीनियर तक की उच्च शिक्षा में प्रतिभाओं को क्षेत्रीय शिक्षा में अपनी प्रतिभा का समान मौका मिलेगा। भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों की दुकान बंद होगी। अंग्रेजी न जानने की हीन भावना की वजह से प्रतिभाओं को अब किसी भी क्षेत्र में पीछे रहने का दुख नहीं झेलना पड़ेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खुले दिल से स्कूल से उच्च शिक्षा तक देश के हर बच्चे को सम्मान शिक्षा देने का मकसद रखा है... यह उद्गार आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति मैदान में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष होने पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन करने के अवसर पर व्यक्त किए।
देश की हर भाषा को मिलेगा सम्मानप्रधानमंत्री ने प्रगति मैदान में 12 भाषाओं की पुस्तकों का किया विमोचन... इस मौके पर तमाम स्कूली बच्चों से क्षेत्रीय भाषाओं में उनके विचारों के आदान-प्रदान से लेकर उनकी शिक्षा पाठ्यक्रमों तक प्रधानमंत्री छात्रों से मिले और उन्होंने आज प्रगति मैदान के भारत मंडपम में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अवसर पर 12 भारतीय भाषण की पुस्तकों का विमोचन किया किया। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा की सीबीएसई का पाठ्यक्रम पूरे देश में लागू किया किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत हमें ऊर्जा से भरी एक युवा पीढ़ी का निर्माण करना है
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ऊर्जा से भरी हुई युवा पीढ़ी का निर्माण करना है जो गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो जो नए-नए इन्नोवेशंस के लिए लालायित हो जो विज्ञान से लेकर खेल जगत तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर भारत को दुनिया भर में आगे ले जाए
Akhil Bhartiya Shiksha Samagam2023पूरे देश में सीबीएसई का समान पाठ्यक्रम लागू होगा
इंजीनियरिंग की शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक 22 भाषाओं में देश की हर प्रतिभा को समान शिक्षा का मौका देने के लिए पाठ्यक्रमों तैयार करने में कड़ी मेहनत की है और कर रहे हैं जल्दी ही हमारे देश में प्रतिभाओं को अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा,शिक्षा जगत में तीन से आठ वर्ष के बच्चों को क्षेत्रीय भाषाओं में स्कूल शिक्षा देने के लिए 22 भाषाओं में पाठ्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली गई है और शीघ्र ही उच्च शिक्षा में भी क्षेत्रीय भाषाओं में पाठ्यक्रम की तैयारी चल रही है। अब किसी प्रतिभा को मात्र इसलिए इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा में इसलिए वंचित नहीं रहना पड़ेगा क्यों कि उसे अंग्रेजी नहीं आती बल्कि वह इंजीनियरिंग, मेडिकल और तमाम क्षेत्रों में अपनी ही भाषाओं में अपनी प्रतिभा की इनोवेशन दिखा सकेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में देश के हर बच्चे को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ने का समान मौकासमृद्ध भाषाओं के बावजूद प्रतिभा को नहीं मिलता था समान अवसर... नई शिक्षा नीति में हर प्रतिभा को मिलेगा शिक्षा का समान मौका .राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष पूरा होने पर Akhil Bhartiya Shiksha Samagam2023
अभी तक स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक प्रतिभाओं को अंग्रेजी में गुलाम मानसिकता से गुजरना पड़ता था और उन्हें हैं हीन भावना की दशा में उच्च जगत में कदम रखने से पहले 10 बार सोचना पड़ता था हम अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में दक्ष होते हैं अपने को व्यक्त कर सकते हैं। हम नई-नई इन्नोवेशंस कर सकते हैं लेकिन जैसे ही हम अंग्रेजी भाषा नहीं समझते तो हमारे कदम रूक जाया करते थे।
शिक्षा में देश बदलने की ताकत; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
लेकिन नई शिक्षा नीति ने देश की 22 भाषाओं में तीन से आठ वर्ष के बच्चों के स्कूलों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में पाठ्यक्रम तैयारी कराकर बेमिसाल कार्य का लक्ष्य रखा है। पिछले 3 सालों में देश की तमाम प्रतिभाओं से लेकर शिक्षा जगत के तमाम लोगों ने और जनता ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का खुले मन से स्वागत किया है। और इस दिशा में तमाम स्कूलों में और पाठ्यक्रम के लिए तैयारी की गई है।
Akhil Bhartiya Shiksha Samagam2023अंग्रेजी न जानने वालों को पिछड़ेपन से जोड़ा जाता था यह एक विडंबना
प्रधानमंत्री ने कहा की तमाम क्षेत्र में अंग्रेजी ना आना , इसे पिछड़ेपन से जोड़ा जाता था। चाहे समृद्ध भारतीय भाषाओं में वह कितना भी प्रतिभावान हो लेकिन उन्हें स्कूल या उच्च शिक्षा तक यह मौका नहीं मिल पाता था । अब स्कूल से उच्च शिक्षा तक सभी को शिक्षा का समान मौका मिलेगा हर भाषा को सम्मान मिलेगा तो हमारी यही प्रतिभाएं सामाजिक क्षेत्र से लेकर उच्च शिक्षा तक हर क्षेत्र में अपनी भाषा में नई-नई इन्नोवेशंस कर सकेगी।
12 भाषाओं की किताबों का प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन साल पूरे होने पर शिक्षा समागम में 12 भाषाओं किताबों का शुभारंभ करके देश को यह सौगात दी कि अब हमारे बच्चों को भाषा के नाम पर पीछे नहीं रहना होगा बल्कि हम हर क्षेत्र में अपने सफलता के मुकाम बुलंद कर सकेंगे जो देश के लिए एक बड़ी ताकत बन सकेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा की बाहर के देशों में सैकड़ो भाषाएं हैं और वह अपनी ही भाषा को अहमियत देते हैं लेकिन हमारे यहां अभी तक अंग्रेजी की मानसिकता रही। लेकिन सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस गंभीर समस्या को समझा, और विस्तृत पैमाने पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार की गई है।
मीना कौशिक