
Akhilesh Yadav रविवार की सुबह करीब सवा नौ बजे लखनऊ पुलिस मुख्यालय पहुंचे सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करीब दो घंटे तक पुलिस मुख्यालय में रहे। जिसके बाद वह सपा ट्विटर हैंडल के मेंबर और कार्यकर्ता मनीष जगन अग्रवाल से मिलने के लिए जेल पहुंच गए, लेकिन जेल में भी वह अपने ही कार्यकर्ता से नहीं मिल सके। जेल प्रशासन ने अखिलेश यादव को मनीष जगन अग्रवाल से मिलने नहीं दिया।
आपको बता दें कि आज सुबह सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां पर कोई भी अधिकारी नहीं मिला। इस बाबत उन्होंने ट्विट भी किया था। हालांकि अखिलेश के वहां पहुंचने की जानकारी पाकर ज्वाइंट सीपी पीयूष मोर्डिया उनके पास पहुंच गए थे और उन्होंने अखिलेश को चाय का ऑफर किया तो उन्होंने मना कर दिया।
उधर, अखिलेश के पहुंचने का पता चलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता पुलिस मुख्यालय पहुंच गए। वह गेट पर धरने पर बैठ गए। वहां पुलिस से उनकी झड़प हुई। करीब 2 घंटे अखिलेश पुलिस मुख्यालय में रहे। इसके बाद यहां से अखिलेश लखनऊ जेल में मनीष से मिलने पहुंचे। उनके साथ सपा के कई नेता थे। लेकिन, अखिलेश को कार्यकर्ता से मिलने नहीं दिया गया। इस पर सपा प्रमुख ने कहा कि मैं यहां जेल मनीष से मिलने आया था, लेकिन मुझे मिलने नहीं दिया गया है। हालांकि पुलिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा गाली गलौज करती है। भाजपा के सोशल मीडिया अकाउंट से हमारी पत्नी, परिवार और बच्चियों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा पुलिस का गलत इस्तेमाल करती है। उन पर गलत काम करने का दबाव बनाती है। पहले भी सपा के कई नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और फर्जी मुकदमों में जेल भेजा गया।
अखिलेश के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर हरकत में आई पुलिस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपना पक्ष रखा। एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यालय आए थे। पहले से उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी पर बात की। उनसे कहा गया कि पुलिस ने जो कुछ किया है वह साक्ष्य के आधार पर किया है। उक्त व्यक्ति ने मर्यादाओं की सीमा लांघते हुए अभद्र ट्वीट किए हैं। जो आरोप हैं उसके तहत धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।