National News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का बयान जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के 24वें दिन और वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 17वें दिन आई है।

National News: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार सिद्धांतहीन, असंवेदनशील है और किसी के त्याग का उसके लिए कोई महत्व नहीं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की यह अपील जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के 24वें दिन और वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 17वें दिन आई है। पीटीआई के मुताबिक आयोजकों के अनुसार, उपवास शुरू करने के बाद से वांगचुक का वज़न 8.2 किलोग्राम कम हो गया है।
"वांगचुकजी का जीवन अनमोल है"
सपा प्रमुख ने कहा, "सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।"
"सत्याग्रह का महत्व वो क्या जानें"
यूपी के पूर्व सीएम ने कहा, "जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।"
"यही हम सबकी चाह है"
सपा प्रमुख ने कहा, "लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे। आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताकतों के खिलाफ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।"
CJP जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तब से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। संगठन ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की घोषणा की है।
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