Aksai Chin Dispute: संयुक्त राष्ट्र में उठी मांग, अक्साई चिन को चीन अधिकृत जम्मू और कश्मीर मानने की बात ।
भारत
RP Raghuvanshi
24 Mar 2022 03:57 PM
भारत
RP Raghuvanshi
24 Mar 2022 03:57 PM
Aksai Chin Dispute: जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 49वें सत्र के दौरान मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा अक्साई चिन पर चीन के अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया गया। की जो श्रीनगर के जुनैद कुरैशी ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के निदेशक हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सत्र में क्या उठी मांग !
जिनेवा में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 49वें सत्र के दौरान कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता जुनैद कुरैशी ने अक्साई चिन पर चीन के अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। जिस पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कहा कि अक्साई चिन के एक बहुत बड़े हिस्स पर चीन ने कब्जा किया हुआ है, इसलिए उसे औपचारिक रूप से 'चीन के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर' की मान्यता दी जानी चाहिए। श्रीनगर के जुनैद कुरैशी ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के निदेशक हैं।
विवाद सुलझाने का जरिया हैं शब्दावलियां ।
वही उसके बाद जवाब में जुनैद ने कहा कि मैं अपने पूर्वजों की भूमि जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर परिषद का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जिस पर दशकों से परिषद में बहस होती रही है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा गढ़े गए मुद्दे से संबंधित ज्यादातर शब्दावलियां वर्षों सामान्य उपयोग में हैं। उपयुक्त शब्दावली का निर्माण और उसका अंगीकरण न केवल एक विवादित ममाले को परिभाषित करने बल्कि उसके समाधान की राह तलाशने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
UNA, UNHRC ने की अनदेखी।
जुनैद कुरैशी ने कहा, ''अक्साई चिन जम्मू और कश्मीर के 20 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जो कि लगभग भूटान के आकार के बराबर है। संयुक्त राष्ट्र और उसके विभिन्न अंग जैसे यूएनएचआरसी ने जम्मू और कश्मीर मुद्दे पर मौजूदा शब्दावली के आधार पर अक्साई चिन पर चीन के अवैध कब्जे की पूरी तरह से अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर का मुद्दा जितना गंभीर है, उस लिहाज से इस तरह की चूक का गंभीर प्रभाव पड़ा है।