1 अक्टूबर से शराब की सभी प्राइवेट दुकानें हो जाएंगी बंद
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:16 AM
नई दिल्ली। यह खबर पढ़कर शराब के शौकीनों के होश उड़ना तय है कि 1 अक्टूबर से शराब की दुकानें बंद होने वाली हैं। बहुत से मदिरा प्रेमी तो ऐसे भी होंगे जो इस खबर को पढ़कर शराब की दुकानों के सामने जा डटेंगे और शराब का स्टाक करने की जुगत में लग जाएंगे। बता दें कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली में निजी शराब की दुकानें 45 दिनों तक बंद रहेंगी। ये दिल्ली की कुल शराब दुकानों की करीब 40 फीसदी हैं। इस दौरान सरकारी दुकानें खुली रहेंगी लेकिन इस दौरान जहां शराब की भारी किल्लत की आशंका जाहिर की जा रही है तो वहीं इस दौरान शराब की दुकानों पर लंबी कतार लगने और शराब के आउट ऑफ स्टॉक होने की स्थिति बनने की आशंका है। शराब के संभावित सकंट को देखते हुए आबकारी विभाग सर्तक है। इस बारे में आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सरकारी शराब की दुकानों की मांग में इजाफा होने की संभावना के मद्देनजर पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद कल यानी 1 अक्टूबर से शराब की सभी प्राइवेट दुकानें बंद हो जाएंगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत 266 प्राइवेट शराब की दुकानों सहित सभी 850 शराब की दुकानें टेंडर के जरिए निजी कंपनियों को दे दी गई हैं। नए लाइसेंस धारक शराब की खुदरा बिक्री 17 नवंबर से शुरू कर सकेंगे। हालांकि, इस दौरान राज्य सरकार द्वारा संचालित शराब की दुकानें खुली रहेंगी, जो 16 नवंबर के बाद बंद हो जाएंगी।
नई आबकारी नीति से क्या होगा बदलाव :
1. नई नीति का उद्देश्य ग्राहक के अनुभव में सुधार करना, शराब माफिया पर रोक लगाना और चोरी को खत्म कर राष्ट्रीय राजधानी में शराब के कारोबार में सुधार करना है।
2. नई आबकारी नीति के तहत, दिल्ली सरकार शराब की दुकानों को 32 जोनों में बांट कर शहर भर में समान वितरण सुनिश्चित करना चाहती है।
3. नई नीति के अनुसार, एक जोन में 8-10 वार्डों को शामिल किया गया है और प्रत्येक जोन में लगभग 27 शराब की दुकानें होंगी। वर्तमान में, कुछ वार्डों में 10 से अधिक शराब की दुकानें हैं तो कुछ वार्डों में कोई दुकान नहीं है।
4. नई आवकारी नीति के तहत 17 नवंबर से खुदरा विक्रेता एमआरपी दरों पर शराब बिक्री के बजाय प्रतिस्पर्धी माहौल में बिक्री मूल्य (Selling Price) तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
5. एमआरपी का निर्धारण आबकारी आयुक्त द्वारा एक परामर्शी तंत्र के माध्यम से किया जाएगा। होलसेल प्राइस एक गणितीय सूत्र के माध्यम से तय किया जाएगा। वहीं रिटेल प्राइस प्रतिस्पर्धा के आधार पर किया जाएगा।
6. दिल्ली सरकार को नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों की बोली से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
7. दिल्ली सरकार ने कहा है कि शराब बेचने या परोसने की उम्र पड़ोसी राज्यों की उम्र के अनुरूप होनी चाहिए, जहां शराब पीने की कानूनी उम्र पहले से ही 21 साल है।
8. नई नीति के अनुसार, शराब की दुकानों में एयर कंडीशन के साथ रोशनी की अच्छी व्यवस्था और शीशे के दरवाजे रखने होंगे। वहां दुकान के बाहर और भीतर सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए और दुकानदार को एक महीने की रिकॉर्डिंग रखनी होगी।
9. होटल, क्लब और रेस्टोरेंट के लिए नई नीति में बार लाइसेंस प्रदान करने से पहले कई लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता को खत्म किया जा सकता है। इसके बजाय बार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए केवल फायर एनओसी की ही जरूरत होगी। ऐसे लाइसेंसधारियों को लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर किसी भी क्षेत्र में किसी भी भारतीय और विदेशी शराब परोसने की अनुमति इस शर्त के साथ दी जाएगी कि शराब परोसने वाले एरिया को सार्वजनिक रूप से बंद रखा गया हो।
10. नई आबकारी नीति में कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त करने वालों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी. व्यवस्था बनाए रखना, उनकी जिम्मेदारी होगी। दुकान के आसपास पूरी सुरक्षा व्यवस्था करना दुकानदार की जिम्मेदारी होगी. यदि दुकान पड़ोस के लिए उपद्रव का कारण बनती है और सरकार को शिकायत मिलती है तो उस संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
11. नई आबकारी नीति के अनुसार, प्रत्येक खुदरा शराब विक्रेता, ग्राहकों को ऐसी सुविधाएं देगा जिससे वे आएं और सामान लेकर आसानी से जाएं। उन्हें इसी के हिसाब से दुकानों को तैयार करना होगा। अब दुकानों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार या भीड़-भाड़ की अनुमति नहीं होगी।
12. नई आबकारी नीति के अनुसार, देसी और विदेशी शराब की खुदरा दुकानें (एल-7वी) किसी भी बाजार, मॉल, वाणिज्यिक क्षेत्रों, स्थानीय शॉपिंग कॉम्पलेक्स में कहीं भी खोली जा सकती हैं। नीति के तहत दिल्ली सरकार 32 क्षेत्रों के लिए एल-7वी लाइसेंस को लेकर निविदाएं जारी कर चुकी है।
13. नए सुधारों के तहत, होटल, रेस्टोरेंट और क्लब में बार को देर रात तीन बजे तक संचालित करने की अनुमति दी गई है। इनमें वे लाइसेंस धारक शामिल नहीं हैं, जिन्हें शराब की चौबीसों घंटे बिक्री का लाइसेंस दिया गया है।
14. नीति दस्तावेज में शराब की होम डिलीवरी (घर तक पहुंचाने की सुविधा) का जिक्र नहीं किया गया है।
15. दिल्ली की नई आबकारी नीति के तहत बीयर बनाने वाली छोटी फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने का फैसला किया गया है। इसके तहत दिल्लीवासी अब इन छोटी इकाइयों से ताजा ड्राट (खुली) बीयर ले सकते हैं। नीति के तहत बीयर बनाने वाली छोटी फैक्ट्रियों को बार और रेस्तरां में आपूर्ति करने की अनुमति दी गई है।