
Amarnath Incident : शुक्रवार की शाम जम्मू कश्मीर में बाबा अमरनाथ की गुफा के पास हुए हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग गंभीर रुप से घायल हैं। शुरु में बादल फटने की वजह से हादसा होना माना जा रहा था, लेकिन मौसम विज्ञान विभाग ने इस घटना का कारण बादल फटने से इनकार किया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा के आसपास शुक्रवार शाम 4.30 बजे से शाम 6.30 बजे के बीच 31 मिमी बारिश दर्ज की गई, जोकि बादल फटने से काफी कम है। तय मानक के अनुसार अगर 60 मिनट में 100 मिमी बारिश होती है, तो उस घटना को बादल फटने के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। उनका अनुमान है कि गुफा के ऊपरी हिस्से में काफी बारिश हुई होगी, जिस वजह से ऊपर से तेज बहाव से पानी आया और सब कुछ बहा ले गया।
उनके मुताबिक अमरनाथ गुफा के पास आईएमडी का एक स्वचालित मौसम केंद्र है, जो यात्रा के दौरान मौसम का पूर्वानुमान बताता है। पवित्र गुफा के पास का इलाका बहुत ज्यादा दुर्गम है, ऐसे में वहां पर कोई मौसम निगरानी केंद्र नहीं है। आईएमडी के वैज्ञानिकों के मुताबिक गुफा के ऊपर के क्षेत्र में शाम 5.30 बजे से शाम 6.30 बजे के बीच 28 मिमी बारिश हुई। फिलहाल 10 जुलाई को फिर से जम्मू-कश्मीर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं श्रीनगर में क्षेत्रीय मौसम केंद्र की प्रमुख सोनम लोटस के मुताबिक पवित्र गुफा के ऊपर बादल थे, जिससे अचानक बारिश हुई, लेकिन ये फ्लैश फ्लड नहीं था। उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि गुफा के ऊपर किसी पहाड़ी इलाके में तेजी बारिश हुई हो, जिसके बाद पानी तेज बहाव से आया। इस वजह से इतना ज्यादा नुकसान हुआ है।