
Amarnath Yatra Rescue : जम्मू कश्मीर में अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 40 से अधिक श्रद्धालु लापता हो गए हैं। लापता हुए यात्रियों की तलाश में शुक्रवार की रात से लगातार रेस्कयू आपरेशन जारी है। जम्मू कश्मीर सरकार ने आगामी आदेशों तक स्वास्थ्य विभाग के नियमित और संविदा कर्मचारियों की सभी छुट्टियों को रद्द कर दिया और हर वक्त मोबाइल स्विच ऑन रखने के निर्देश के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है।
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में शुक्रवार की शाम बड़ा हादसा हो गया था। अमरनाथ गुफा के पास बादल फट गए। जिसकी चपेट में आकर कई टेंट और लंगर बह गए। घटना में बड़ी संख्या में 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के तुंरत बाद NDRF, SDRF और सुरक्षाबलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। बाद में भारतीय सेना और वायुसेना भी इसमें जुड़ गई। जिस वजह से कई यात्रियों को बचाया गया है। साथ ही श्राइन बोर्ड ने अगले आदेश तक यात्रा रोक दी है।
https://twitter.com/ANI/status/1545401194520379392?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1545401194520379392%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.patrika.com%2Fnational-news%2Fcloudburst-in-jammu-and-kashmir-s-amarnath-cave-10-dead-rescue-works-on-35-40-still-missing-7641131%2Fताजा जानकारी के अनुसार भारतीय सेना निचले अमरनाथ गुफा स्थल पर बादल फटने से प्रभावित इलाके में सेना के डॉग स्क्वायड के साथ बचाव अभियान चला रही है। भारतीय सेना के जवान लगातार घायलों की मदद कर रहे हैं। भारतीय सेना के मुताबिक अब तक 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 48 लोग घायल हैं।
स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कश्मीर ने कर्मचारियों के सभी अवकाश (नियमित/संविदात्मक) रद्द कर दिए हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल स्विच ऑन रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ गांदरबल के मुताबिक उनके यहां 28 डॉक्टर, 98 पैरामेडिक्स, 16 एंबुलेंस मौजूद हैं, लेकिन अभी तक कोई घायल वहां नहीं आया है।
बताया जा रहा है कि यहां काफी समय से मूसलाधार बारिश हो रही थी। जिसके बाद आज शाम बादल फट गया। बादल फटने की घटना के बाद गुफा के एक से दो किलोमीटर के दायरे में पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आए पानी से श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए करीब 25 टेंट और दो से तीन लंगर बह गए। बारिश से पूरे इलाके में तेजी से पानी भर गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। वहां मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।