पटना में गजब की लापरवाही, 'डॉग बाबू' को मिला आवासीय प्रमाण पत्र!
Bihar Samachar
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:47 PM
बिहार की राजधानी पटना से प्रशासनिक लापरवाही की एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। मसौढ़ी प्रखंड कार्यालय ने एक कुत्ते के नाम पर बाकायदा आवासीय प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इस प्रमाण पत्र में आवेदक का नाम “डॉग बाबू”, पिता का नाम “कुत्ता बाबू” और मां का नाम “कुटिया देवी” दर्ज है। इतना ही नहीं प्रमाण पत्र में एक कुत्ते की फोटो भी लगी हुई है। यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब यह विवादित प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और जांच के आदेश दिए गए। Bihar Samachar
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान मसौढ़ी अंचल कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर से 24 जुलाई को यह प्रमाण पत्र जारी हुआ, जिसकी संख्या BRC/CO/2025/15933581 है। प्रमाण पत्र पर राजस्व पदाधिकारी मुरारी चौहान का डिजिटल हस्ताक्षर भी मौजूद था। प्रमाण पत्र में दिए गए पते में काउलीचक, वार्ड-15, मसौढ़ी लिखा है, और फोटो की जगह एक कुत्ते की तस्वीर लगी है।
सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद आरटीपीएस पोर्टल से यह प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। साथ ही राजस्व पदाधिकारी का डिजिटल सिग्नेचर भी हटा दिया गया है। मसौढ़ी के अंचलाधिकारी प्रभात रंजन ने इस बात की पुष्टि की है कि सर्टिफिकेट रद्द कर दिया गया है। वहीं, पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम त्यागराजन ने कहा, “यह लापरवाही अस्वीकार्य है। संबंधित कर्मियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न हो।”
इस मामले ने बिहार की ई-गवर्नेंस प्रणाली और डिजिटल प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये भी उठता है कि बिना किसी जांच के, सिर्फ सिस्टम में डेटा फीड होते ही प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गया? Bihar Samachar