
America : दक्षिण एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका द्वारा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए पूर्ण समर्थन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। खासकर पाकिस्तान में इस अमेरिकी रुख को लेकर असहजता साफ देखी जा रही है।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को और गहरा कर दिया है। हमले के बाद भारत ने आतंकवाद को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, वहीं पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरा समर्थन देता है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सीधे संवाद कर क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।
प्रवक्ता ने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में पीएम मोदी से कहा था, अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। यह समर्थन न केवल रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है, बल्कि दक्षिण एशिया में शांति बहाली की दिशा में हमारी साझा प्रतिबद्धता भी है।"
टैमी ब्रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका दोनों देशों से एक जिम्मेदार और शांतिपूर्ण समाधान की ओर बढ़ने का आग्रह करता है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन भारत और पाकिस्तान दोनों की सरकारों के साथ निरंतर संवाद में है और हर स्तर पर संपर्क बनाए हुए है ताकि दीर्घकालिक शांति स्थापित की जा सके।
भारत ने भी अपनी ओर से पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित रखना, अटारी बॉर्डर पर एकीकृत चेक पोस्ट को बंद करना और उच्चायोग स्तर पर अधिकारियों की संख्या में कटौती जैसे उपाय शामिल हैं। भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी बरतने को तैयार नहीं है। America :