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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर चल रहा महिलाओं का आंदोलन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब धरना स्थल पर शराब के नशे में पहुंचे एक व्यक्ति को उसकी पत्नी ने अन्य महिलाओं की मदद से बिजली के खंभे से बांध दिया।

Anti-Alcohol Movement : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर चल रहा महिलाओं का आंदोलन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब धरना स्थल पर शराब के नशे में पहुंचे एक व्यक्ति को उसकी पत्नी ने अन्य महिलाओं की मदद से बिजली के खंभे से बांध दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा हो रही है।
Anti-Alcohol Movement
बालाघाट के बूढ़ी क्षेत्र में स्थित देसी-विदेशी शराब की दुकान को हटाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि करीब 45 वर्षों से संचालित इस दुकान के कारण इलाके में शराबखोरी, घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी और सामाजिक समस्याएं बढ़ी हैं। इसी वजह से महिलाएं पिछले लगभग 80 दिनों से लगातार धरना देकर दुकान को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग कर रही हैं। बताया जा रहा है कि 29 जून की शाम आंदोलन में शामिल एक महिला का पति संजू चौधरी शराब के नशे में धरना स्थल पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने आंदोलन में शामिल महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रदर्शन में बाधा डालने की कोशिश की। इससे मौके पर मौजूद महिलाओं में आक्रोश फैल गया।
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पति की हरकत से नाराज पत्नी ने अन्य महिलाओं के सहयोग से उसे पकड़ लिया और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से रस्सी के सहारे बांध दिया। इतना ही नहीं, उसके लगातार हंगामा करने पर महिलाओं ने उसके मुंह पर टेप भी चिपका दी, ताकि वह गाली-गलौज न कर सके। घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। महिला ने कहा कि वह पिछले कई सप्ताह से शराब की दुकान हटाने के आंदोलन में शामिल है, क्योंकि शराब की लत ने उसके परिवार सहित कई घरों की खुशियां खत्म कर दी हैं। उसका कहना था कि जब वह स्वयं समाज को इस बुराई से बचाने की लड़ाई लड़ रही है, तब उसका पति शराब पीकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा था, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने महिलाओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और काफी समझाइश के बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और किसी बड़ी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई। धरने में शामिल महिलाओं का कहना है कि उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रशासन शराब की दुकान को रिहायशी इलाके से हटाने का निर्णय नहीं लेता। उनका आरोप है कि शराब की आसान उपलब्धता के कारण घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और सामाजिक अपराध बढ़ रहे हैं। आंदोलनकारी महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और अपनी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगी। Anti-Alcohol Movement
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