2029 तक ड्रग्स मुक्त भारत बनाने की तैयारी तेज हो गई है। अमित शाह ने नशे के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का ऐलान किया है। जानिए तस्करों, नार्को-टेरर और ड्रग्स की सप्लाई चेन पर क्या है सरकार का बड़ा प्लान ?

National News : देश में तेजी से बढ़ते मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ केंद्र सरकार ने अब निर्णायक और व्यापक लड़ाई की तैयारी कर ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि भारत को वर्ष 2029 तक ड्रग्स मुक्त बनाने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। सरकार का लक्ष्य केवल नशे के छोटे-मोटे कारोबारियों को पकड़ना नहीं, बल्कि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को उसकी जड़ से खत्म करना है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जिस तरह सरकार ने माओवाद की समस्या के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया, उसी तरह अब देश को नशे के जाल से मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नशे के कारोबार को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ी गंभीर चुनौती बताया। National News
अमित शाह ने गोवा में मादक पदार्थों के नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया है। गृह मंत्रालय पहले ही सभी संबंधित हितधारकों को 2026 से 2029 तक के लिए तीन वर्षीय रोडमैप तैयार करने के निर्देश दे चुका है। इसमें समयबद्ध समीक्षा व्यवस्था के साथ केंद्र और राज्यों के बीच ‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण से काम करने तथा ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को स्रोत से लेकर वितरण तक खत्म करने पर जोर दिया गया है। National News
सरकार की नई रणनीति का दायरा केवल ड्रग्स की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। तस्करी के रास्तों, ड्रग्स से होने वाली अवैध कमाई, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सिंथेटिक ड्रग्स और नशे की मांग को कम करने के साथ-साथ नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स से पैदा होने वाला काला धन कई मामलों में आतंकवाद और नार्को-टेरर नेटवर्क को बढ़ावा देता है। ऐसे में नशे के खिलाफ लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। National News
2029 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार की रणनीति को मुख्य रूप से चार क्षेत्रों पर केंद्रित किया गया है
इस रणनीति का उद्देश्य ड्रग्स के नेटवर्क पर ऊपर से नीचे तक एक साथ दबाव बनाना है। National News
ड्रग्स के खिलाफ अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित करने के लिए सरकार ने पहले से ही नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) का चार स्तरीय तंत्र बनाया हुआ है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) गठित की गई है। इसके अलावा बड़े ड्रग्स मामलों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों तथा राज्य सरकारों के बीच संयुक्त समन्वय की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। गृह मंत्रालय ने जून 2026 में NCORD की शीर्षस्तरीय बैठक के दौरान ‘Vision Document on Drug Control (2026-2029)’ भी जारी किया था। इससे स्पष्ट है कि 2029 का लक्ष्य अचानक सामने आया कोई विचार नहीं, बल्कि इसके लिए केंद्र सरकार पहले से रणनीतिक ढांचा तैयार कर रही है। National News
अमित शाह ने कहा कि देश ने माओवाद की चुनौती से निपटने में बड़ी सफलता हासिल की है और अब नशे के नेटवर्क के खिलाफ उसी तरह निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। उनका संदेश स्पष्ट है कि ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई अब अलग-अलग एजेंसियों तक सीमित नहीं रहेगी। तस्करी के स्रोत, सप्लाई चेन, वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि ड्रग्स की समस्या का सीधा असर देश के युवाओं पर पड़ता है और नशा मुक्त युवा शक्ति ही विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती दे सकती है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा मुक्त युवा शक्ति 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करे। National News
केंद्र सरकार के स्तर पर ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई पहले से तेज हुई है। गृह मंत्रालय के अनुसार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 2026 में भी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन किए हैं। मई 2026 में ‘ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक’ के तहत मुंबई और आसपास के लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर से करीब 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन बरामद किए जाने की जानकारी मंत्रालय ने दी थी। इससे संकेत मिलता है कि सरकार अब छोटे स्तर के कारोबार के साथ-साथ बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी सीधा प्रहार करने की रणनीति अपना रही है। National News
ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने MANAS हेल्पलाइन 1933 शुरू की है, जिसके माध्यम से नागरिक ड्रग्स से संबंधित गतिविधियों और समस्याओं की सूचना दे सकते हैं। यह राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहने के लिए बनाई गई है। यानी आने वाले तीन वर्षों में सरकार की रणनीति केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहने वाली है। इसमें खुफिया तंत्र, पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां, राज्य सरकारें, सीमा निगरानी, वित्तीय जांच, तकनीक, जनजागरूकता और पुनर्वास सभी को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। National News
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस ऐलान के बाद अब केंद्र और राज्य सरकारों के सामने 2029 की स्पष्ट समयसीमा है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश में सक्रिय ड्रग तस्करी के नेटवर्क, सीमा पार से होने वाली सप्लाई, सिंथेटिक ड्रग्स और अवैध वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की होगी। सवाल सिर्फ ड्रग्स पकड़ने का नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम को खत्म करने का है जो ड्रग्स को देश में लाता है, उसका वितरण करता है और उससे होने वाली कमाई को दूसरे अपराधों में इस्तेमाल करता है। अमित शाह का संदेश इसी दिशा में है जिस तरह माओवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई, उसी तरह अब ड्रग्स के पूरे नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक अभियान चलाया जाएगा। National News
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