संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। अमित शाह ने कहा कि सरकार आज दोपहर 3 बजे से कल दोपहर 3 बजे तक चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा होने पर “दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा” और जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर सिर्फ हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चर्चा के दौरान सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। शाह ने कहा कि जनता खुद तय करे कि चर्चा से कौन भाग रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा होने पर पूरी बात जनता के सामने साफ हो जाएगी।
विपक्षी नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि ‘लापता’, ‘भगोड़े’ और ‘भाग गए’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे से जुड़े हर सवाल का संसद में जवाब देने के लिए तैयार है। शाह ने विपक्ष से यह भी पूछा कि वह चर्चा करना चाहता है या फिर चर्चा से बचना चाहता है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार रहती है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील भी की।
गृह मंत्री ने कहा कि संसद में किसी भी गंभीर मुद्दे पर चर्चा एक तय प्रक्रिया के तहत होती है। केवल एक बयान देकर इतने बड़े विषय पर चर्चा पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि संसद में किसी भी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाती है और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। अमित शाह ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रश्नकाल को स्थगित करने के लिए भी सरकार तैयार है लेकिन इसके लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होगी।
गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अब फैसला विपक्ष को करना है। उसे तय करना होगा कि वह NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा करना चाहता है या इससे बचना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है कि इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने संसद की कार्यवाही क्यों नहीं चलने दी।
अमित शाह के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन पर पलटवार किया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अमित शाह का लेक्चर नहीं सुनना है। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान बल प्रयोग को लेकर गृह मंत्री से सीधे सवाल किए। राहुल गांधी ने कहा कि अगर छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सरकार से यह बताने की मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश आखिर किसने दिया था।
राहुल गांधी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अमित शाह का भाषण या सफाई सुनने में दिलचस्पी नहीं रखती। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया और किसके आदेश पर एक छात्र को अंधा किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि छात्रों को कीलों वाली लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया था। राहुल गांधी ने कहा कि युवा पीढ़ी को इन सवालों का सीधा जवाब चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सरकार की सफाई या लंबा भाषण नहीं चाहिए। उनका कहना है कि सबसे पहले यह साफ होना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि जब तक इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता तब तक केवल लेक्चर या चर्चा से बात आगे नहीं बढ़ेगी।
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