नई रणनीति के पीछे विपक्षी गठबंधन 'महाविकास आघाडी' (मविआ) में बढ़ते मतभेदों को अहम वजह माना जा रहा है। विपक्ष के हिस्से में अभी मात्र एक सीट आने की संभावना है, लेकिन इस एक सीट पर कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट के बीच जबरदस्त खींचतान चल रहा है।

Maharashtra Rajya Sabha Election 2026: देशभर में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के मास्टर स्ट्रैटजिस्ट अमित शाह की ओर से मिले नए निर्देश ने राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन 'महायुति' की रणनीति में बदलाव का संकेत दे दिया है। खबर है कि भाजपा अब केवल 6 सीटों पर संतोष करने के बजाय सातवीं सीट पर भी अपना पैर जमाने की तैयारी में है, जिससे महाराष्ट्र में सियासी तापमान बढ़ गया है।
माना जा रहा था कि मौजूदा संख्या बल के हिसाब से महायुति (भाजपा, शिंदे गुट, अजित पवार गुट) को 6 सीटें (भाजपा-4, अजित पवार गुट-1, शिंदे गुट-1) आसानी से मिल जाएंगी। लेकिन भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की दिल्ली यात्रा और अमित शाह से हुई मुलाकात के बाद चित्र बदल गया है। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि महायुति को सिर्फ छह सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पार्टी को सातवीं सीट के लिए पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए हैं। अगर भाजपा सातवीं सीट की दावेदारी करती है, तो उसे करीब 20 अतिरिक्त मतों की जरूरत होगी।
सत्तापक्ष की इस नई रणनीति के पीछे विपक्षी गठबंधन 'महाविकास आघाडी' (मविआ) में बढ़ते मतभेदों को अहम वजह माना जा रहा है। विपक्ष के हिस्से में अभी मात्र एक सीट आने की संभावना है, लेकिन इस एक सीट पर कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट के बीच जबरदस्त खींचतान चल रहा है। अमित शाह इसी आपसी लड़ाई का फायदा उठाकर विपक्ष के किसी असंतुष्ट धड़े को अपने पक्ष में करने और सातवीं सीट पर कब्जा करने का दांव खेल रहे हैं।
इस बीच, महाराष्ट्र भाजपा ने 4 सीटों के लिए करीब 25 दावेदारों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। इस सूची में कुछ चौंकाने वाले नाम भी शामिल हैं। प्रमुख रूप से अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा, चंद्रपुर के पूर्व सांसद और ओबीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष हंसराज अहीर, और गडचिरोली के पूर्व सांसद अशोक नेते के नाम शीर्ष पर चर्चा में हैं। तीनों नेताओं ने पार्टी से राज्यसभा टिकट के लिए पुरजोर दबाव बनाया है।
भाजपा की ओर से उम्मीदवारों के चयन का मामला अब 2 मार्च को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की अहम बैठक में तय होगा। अमित शाह की रणनीति के मद्देनजर यह लगभग तय है कि भाजपा इस बार 4 की जगह 5 उम्मीदवार चुनाव में उतारेगी। यह पांचवां उम्मीदवार कौन होगा और क्या विपक्ष के खेमे में बने तूफान के बीच भाजपा सातवीं सीट पर कब्जा कर पाएगी, यह आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल होगा। Maharashtra Rajya Sabha Election 2026