
Amritpal Singh / चंडीगढ़। 'वारिस पंजाब दे' संगठन के मुखिया और खालिस्तानी समर्थक भगोड़ा अमृतपाल सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उधर, अमृतपाल सिंह के पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। आज अमृतपाल के मुददे पर चंडीगढ़-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि 80 हजार पुलिस वाले क्या कर रहे थे ? उधर, पंजाब पुलिस ने हरजीत सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगा दिया।
अमृतपाल सिंह केस में सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल है। इस पर जस्टिस एनएस शेखावत ने पूछा कि अमृतपाल सिंह पर एनएसए क्यों लगाया गया है। पूरे ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी फिर अमृतपाल कैसे भाग गया। उसके अलावा सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गए। कोर्ट ने कहा कि हमें पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है।
इस पर पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल विनोद घई ने कहा कि पुलिस के पास भले ही हथियार थे, लेकिन हमें बल प्रयोग करने से रोक दिया गया। कुछ मामले इतने संवेदनशील होते हैं कि हम कोर्ट में उसकी व्याख्या नहीं कर सकते। हम अमृतपाल को अरेस्ट करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पंजाब पुलिस ने हरजीत सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया। पुलिस ने सोमवार को हरजीत सिंह और ड्राइवर हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया था। हरजीत को विमान से असम के डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल भेजा गया। एक दिन पहले अमृतपाल के चार सहयोगी भी वहीं भेजे गए थे।
खालिस्तानी समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' का मुखिया अमृतपाल सिंह को लेकर सीएम भगवंत मान ने सख्त दिख रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पंजाब के लोग भाईचारे के लिए जाने जाते हैं। लेकिन अगर कोई इस पर बुरी नजऱ डालता है तो पंजाबी ये बर्दाश्त नहीं करते। पिछले दिनों कुछ तत्व ऐसे थे जो विदेशी ताकतों के हाथ चढ़कर पंजाब में माहौल खराब करने की, हेट स्पीच और कानून के खिलाफ बोल रहे थे। सीएम मान ने स्पष्ट किया कि इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है और ये पकड़े गए हैं। हमारे लिए प्राथमिकता किताबें हैं। कोई गैर समाजिक ताकत नहीं।