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देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने आज से अपने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद अब आम परिवारों का मासिक बजट और बढ़ सकता है। खासकर उन घरों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा जहां रोजाना कई लीटर दूध का इस्तेमाल होता है।

देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच अब दूध भी लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगा है। हर घर की जरूरत माने जाने वाले दूध की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने आज से अपने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद अब आम परिवारों का मासिक बजट और बढ़ सकता है। खासकर उन घरों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा जहां रोजाना कई लीटर दूध का इस्तेमाल होता है। सुबह की चाय से लेकर बच्चों के दूध और मिठाइयों तक हर चीज का खर्च अब थोड़ा और बढ़ने वाला है।
आज (14 मई) अमूल और मदर डेयरी दोनों कंपनियों ने अपने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनियों ने अलग-अलग वैरिएंट्स पर प्रति लीटर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। कंपनियों का कहना है कि किसानों से दूध खरीदने की लागत बढ़ गई है और उत्पादन से जुड़े खर्च भी पहले के मुकाबले ज्यादा हो गए हैं। इसी वजह से कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया था। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम लोगों की रसोई पर पड़ता है क्योंकि दूध रोजाना इस्तेमाल होने वाली सबसे जरूरी चीजों में शामिल है।
अमूल दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब फुल क्रीम दूध पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने बताया कि नई कीमतें पूरे देश में लागू होंगी। अब अमूल फुल क्रीम दूध 68 रुपये की जगह 70 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। इसके अलावा अमूल गोल्ड, अमूल ताजा, अमूल काउ मिल्क, अमूल स्टैंडर्ड मिल्क और दूसरे कई वैरिएंट्स की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। कंपनी के अनुसार इससे पहले मई 2025 में भी दूध के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय भी प्रति लीटर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी।
Mother Dairy ने भी अपने लिक्विड मिल्क वैरिएंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में अब मदर डेयरी का दूध पहले से महंगा मिलेगा। नई कीमतों के मुताबिक, अब टोकन मिल्क 58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा जो पहले 56 रुपये था। वहीं फुल क्रीम दूध की कीमत 70 से बढ़कर 72 रुपये प्रति लीटर हो गई है। टोंड मिल्क, डबल टोंड मिल्क और काउ मिल्क की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। कंपनी का कहना है कि पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत करीब 6 प्रतिशत तक बढ़ी है। ऐसे में बढ़े हुए खर्च का कुछ असर ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया था।
दूध कंपनियों के मुताबिक इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा कारण किसानों से महंगे दाम पर दूध खरीदना है। इसके अलावा पशुओं के चारे की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ट्रांसपोर्ट और सप्लाई का खर्च भी पहले से ज्यादा हो गया है। गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन पर असर पड़ता है जिससे सप्लाई कम हो जाती है। यही वजह है कि कंपनियों को लागत संभालने के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं।
दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी सुनने में भले छोटी लगे लेकिन महीनेभर में इसका असर साफ दिखाई देता है। अगर कोई परिवार रोजाना 3 से 4 लीटर दूध इस्तेमाल करता है तो हर महीने का खर्च कई सौ रुपये तक बढ़ सकता है। सिर्फ दूध ही नहीं बल्कि चाय, कॉफी, दही, पनीर और मिठाइयों जैसी चीजों की लागत भी आने वाले दिनों में बढ़ सकती है।
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