
An interview with Gautam Adani[/caption]
गौतम अडानी ने कार्यक्रम में ताज होटल में हुई घटना के बारे में बताया। मुंबई हमलों में जब आतंकवादियों ने ताज होटल में लोगों को बंधक बनाया था, उस समय मैं भी वहां मौजूद था। अडानी ने कहा, मुझे ताज होटल की घटना पूरी तरह याद है। न तो उसे भूला हूं और न ही उसे कभी भूल सकता हूं। मैंने आतंकवादियों को देखा था। मेरे सामने उन्होंने पहले राउंड की फायरिंग की थी। उस दिन मैं ताज होटल में था। दुबई से कुछ दोस्त आए थे। उनके साथ डिनर कर रहा था। यह हादसा 10 बजे हुआ। हम 5 मिनट पहले बिल पे करके जाने के लिए खड़े हो गए थे। लेकिन वापस कॉफी पीने बैठ गए। उसी समय हादसा हुआ। मैं बिल पे करके लॉबी में जा चुका होता तो फंस जाता।
ताज कर्मियों ने ऐसे बचाया मुझे:
बकौल गौतम अडानी, ताज होटल में हम रेस्टोरेंट में थे। उस समय ताज ग्रुप के कर्मचारियों ने जैसा काम किया था, वैसा बहुत कम ऑर्गेनाइजेशंस में देखने को मिलता है। मैं पूरी रात वहां फंसा था। होटल स्टाफ मुझे किचन की साइड से ऊपर के कमरे में लेकर गए। सुबह 7 बजे कमांडो आए और उन्होंने पूरी सुरक्षा के साथ हमें होटल से बाहर निकाला।
किडनेप भी हो चुके हैं गौतम अडानी:
गौतम अडानी ने कहा कि कई वक्त ऐसा होता है, जिसे भूल जाना ही अच्छा होता है। एक सवाल के जवाब में अडानी ने बताया कि जिस दिन किडनेपर ने उन्हें छोड़ा उस रात भी वे अच्छी तरह सोए थे। अडानी ने कहा, मैं हर चीज को जल्दी अडॉप्ट कर लेता हूं। मेरा ऐसा स्वभाव है। मैं किडनेप हो गया था। जब किडनेपर ने मुझे छोड़ा, तो उस रात भी मैं अच्छी तरह ही सोया था। आपकी जानकारी के लिए बता दूं, साल 1998 में उनकी संपत्ति के बारे में अखबारों में खबरें छपी थीं। इसके बाद अंडरवर्ल्ड के डॉन फजलू रहमान ने 1.5 मिलियन डॉलर की फिरौती के लिए उनका अपहरण कर लिया था।