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बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की रिहाई को लेकर उनके समर्थकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी सोमवार को देर तक उनकी रिहाई नहीं हो सकी, क्योंकि अदालत का औपचारिक आदेश अभी तक बेउर जेल प्रशासन के पास नहीं पहुंचा था।

Bihar News : बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की रिहाई को लेकर उनके समर्थकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी सोमवार को देर तक उनकी रिहाई नहीं हो सकी, क्योंकि अदालत का औपचारिक आदेश अभी तक बेउर जेल प्रशासन के पास नहीं पहुंचा था। माना जा रहा है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही शाम तक उनकी जेल से रिहाई संभव है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को चार दिन पहले पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बावजूद कानूनी औपचारिकताओं में देरी के कारण वह अब तक जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं। बेउर जेल में बंद अनंत सिंह अदालत के रिलीज ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं। समर्थकों को उम्मीद थी कि वह सोमवार दोपहर बाद अपने पटना स्थित आवास पहुंच जाएंगे, लेकिन आदेश न पहुंचने से यह इंतजार और बढ़ गया।
अनंत सिंह की रिहाई की संभावना को देखते हुए उनके समर्थकों ने पहले से ही बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। उनके आवास पर स्वागत की तैयारी जोरों पर है। बड़ी संख्या में आने वाले समर्थकों के लिए मिठाई और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए कई कारीगर लगातार काम में जुटे हुए हैं। रिहाई के बाद के कार्यक्रम को लेकर भी समर्थकों ने उत्साह दिखाया है। मंगलवार को पटना से बड़हिया तक रोड शो निकालने की घोषणा की गई है। सोशल मीडिया पर साझा जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह बड़हिया पहुंचकर प्रसिद्ध महारानी स्थान में पूजा-अर्चना भी करेंगे। इसे लेकर उनके समर्थकों के बीच खासा उत्साह बना हुआ है।
अनंत सिंह को विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान से पहले दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा टाल इलाके में अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इसी झड़प के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। बताया जाता है कि दुलारचंद यादव मोकामा टाल क्षेत्र के पुराने प्रभावशाली लोगों में गिने जाते थे और उस समय पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी चुनावी मैदान में अपनी पकड़ साबित की। उन्होंने मोकामा सीट से जीत दर्ज कर एक बार फिर विधानसभा पहुंचने का रास्ता बनाया। इस चुनाव में उन्होंने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को हराया। इससे पहले यह सीट उनकी पत्नी नीलम देवी के पास थी। नीलम देवी ने वर्ष 2020 में आरजेडी के टिकट पर मोकामा से चुनाव जीता था। बाद में बिहार की राजनीति में समीकरण बदले और 2024 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़कर एनडीए में लौटने के बाद बहुमत परीक्षण के दौरान नीलम देवी सत्ता पक्ष के साथ नजर आई थीं। इसके बाद मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह की सक्रियता फिर तेज हो गई।
अनंत सिंह का नाम पहले भी कई विवादों और आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। पिछले साल भी वह एक गोलीबारी मामले में गिरफ्तार होकर कई महीनों तक जेल में रहे थे। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने साफ संकेत दे दिया था कि अगला चुनाव वह खुद लड़ेंगे। उस समय उन्होंने कहा था कि जनता की सेवा के लिए इस बार वह स्वयं मैदान में उतरना चाहते हैं।
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