Anil Ambani: यह कार्रवाई 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। पिछले महीने 3,500 करोड़ रुपये कीमत के बंगले की कुर्की के बाद अब अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। पिछले महीने 3,500 करोड़ रुपये कीमत के बंगले की कुर्की के बाद अब अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जांच का केंद्र रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े लोन हैं जो एसबीआई, यस बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं से लिया गया था। आरोप हैं कि इन बैंकों से ली गई धनराशि को नियमों की अनदेखी कर अन्य संस्थाओं और विदेशी खातों में डायवर्ट किया गया। मामला सिर्फ स्वदेशी बैंकों तक सीमित नहीं है इसमें चीनी सरकारी बैंकों से जुड़े 13,558 करोड़ रुपये का भी जोखिम सामने आया है।
ईडी की टीमें रिलायंस पावर और इसके जुड़े आवासीय व पंजीकृत कार्यालयों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। शुरुआती संकेतों के अनुसार, यह कार्रवाई संदिग्ध लेन-देन और बड़े फंड ट्रांसफर की जांच के लिए की जा रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एक विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है।
फरवरी 2026 में ED ने अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान घर ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया था। बंगले की अनुमानित कीमत 3,500 करोड़ रुपये बताई गई थी। अब तक ED ने अंबानी समूह की कुल संपत्तियों में से 15,700 करोड़ रुपये की कुर्की कर दी है।
जांच की गहराई और ED की सख्ती देखते हुए अनिल अंबानी और रिलायंस पावर के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण रहेंगे। अब यह देखने वाली बात होगी कि बड़ी संपत्तियों और फंड ट्रांसफर की पड़ताल किस हद तक होती है और अदालत में इसका क्या परिणाम निकलता है।