अनिल अंबानी ने किया है 13 हजार करोड़ से भी बड़ा खेला
Anil Ambani
भारत
चेतना मंच
25 Jul 2025 06:14 PM
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Anil Ambani: अनिल अंबानी पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। बृहस्पतिवार को अनिल अंबानी के ठिकानों पर ED की रेड के बाद हर तरफ अनिल अंबानी की चर्चा हो रही है। ED के अंतरंग सूत्रों ने अनिल अंबानी को लेकर बड़ा दावा किया है। ED के सूत्रों का दावा है कि अनिल अंबानी का घोटाला 13 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक का घोटाला है। अनिल अंबानी के मामले में ED ने यस बैंक के साथ सांठ-गांठ करके तीन हजार करोड़ रुपए के घपले की जांच शुरू की थी। जांच में पता चला है कि तीन हजार करोड़ के यस बैंक के घपले के साथ ही अनिल अंबानी ने 10 हजार करोड़ रूपये के दूसरे कर्ज का भी दुरूपयोग किया है।
अनिल अंबानी के 35 से अधिक ठिकानों पर हुई ED की रेड
बृहस्पतिवार को मुंबई में अचानक हड़कंप मच गया। इस हड़कंप की वजह यह थी कि अनिल अंबानी जैसे बड़े उद्योगपति के 35 से अधिक ठिकानों पर ED ने एक साथ रेड मारी है। अनिल अंबानी के ठिकानों पर ED की रेड की खबर मुंबई से लेकर दुनिया भर में फैल गई। हर कोई जानना चाहता था कि अनिल अंबानी के ऊपर ED की रेड किस मामले में हुई है। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि अनिल अंबानी के ऊपर ED की रेड यस बैंक के साथ सांठगांठ करके लिए गए तीन हजार करोड़ रुपए के कर्ज को लेकर हुई है। खबर फैलते ही अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयर भी धड़ाम से नीचे आ गए। यह अलग बात है कि अनिल अंबानी की कंपनियों के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि ED की रेड का अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयर पर कोई असर नहीं पड़ा है।
इस प्रकार चली अनिल अंबानी के ऊपर ED की पूरी कार्यवाही
बृहस्पतिवार को ED की अलग-अलग टीमों ने अनिल अंबानी के 35 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड शुरू की। ED के सूत्रों के मुताबिक, ईडी 2017 और 2019 के बीच अनिल अंबानी के समूह की कंपनियों को यस बैंक से दिए गए करीब 3,000 करोड़ रुपये के कर्ज के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रहा है। ईडी की दिल्ली से पहुंची टीमों ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत छापों में दस्तावेज और कंप्यूटर में रिकॉर्ड डाटा जब्त किए हैं। ईडी को जानकारी मिली थी कि कर्ज दिए जाने से ठीक पहले यस बैंक के प्रवर्तकों की कारोबारी संस्थाओं में धन आया था। ईडी रिश्वत और कर्ज के इस गठजोड़ की जांच कर रहा है। साथ ही ईडी अनिल अंबानी समूह की कंपनियों को यस बैंक की ओर से ऋण स्वीकृतियों में घोर उल्लंघन के आरोपों की भी जांच कर रहा है। इसमें पिछली तारीख के क्रेडिट अनुमोदन ज्ञापन (सीएएम), बैंक की ऋण नीति का उल्लंघन करते हुए बिना किसी उचित जांच/क्रेडिट विश्लेषण के निवेश जैसे आरोप शामिल हैं।
ED के आंतरिक सूत्रों का दावा है कि अनिल अंबानी शातिर व्यक्ति है। अनिल अंबानी ने संबंधित संस्थाओं ने कर्ज की रकम को कई समूह एवं मुखौटा कंपनियों में लगा दिया गया। सेबी के मुताबिक, रिलायंस होम फाइनेंस लि. के कॉर्पोरेट ऋण में वृद्धि देखी गई। यह वित्त वर्ष 2017-18 में 3,742.60 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2018-19 में 8,670.80 करोड़ रुपये हो गया। आपको यह भी बता दें कि समूह की कंपनियों के कुछ और कर्ज के साथ विदेशी संपत्तियां भी ईडी जांच के दायरे में हैं। केंद्र सरकार ने हाल में संसद में बताया था, अनिल अंबानी व आरकॉम को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने धोखेबाज घोषित किया है। सीबीआई को भी इसकी शिकायत की गई है। आरकॉम की केनरा बैंक से 1,050 करोड़ रुपये की बैंक कर्ज धोखाधड़ी का मामला भी ईडी की नजर में है। रिलायंस म्यूचुअल फंड ने 2,850 करोड़ रुपये एटी-1 बॉन्ड में निवेश किए थे। इसमें भी ईडी को गड़बड़ी की आशंका है। ये बॉन्ड बैंक की ओर से जारी किए जाते हैं। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 10 हजार करोड़ की कर्ज राशि को दूसरी जगह इस्तेमाल करने का भी आरोप है।