ED जांच में Anil Ambani की खुली पोल, होगी बड़ी पूछताछ
Anil Ambani
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:07 PM
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल अंबानी (Anil Ambani) को कथित ₹17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है। उन्हें 5 अगस्त को नई दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। इससे पहले ईडी ने अनिल अंबानी से जुड़ी कई कंपनियों और संस्थानों पर बड़ी छापेमारी की थी। Anil Ambani
मुंबई में 35 से ज्यादा जगहों पर हुई छापेमारी
ईडी ने 24 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक लोन फ्रॉड से जुड़े मामले में मुंबई समेत देशभर में करीब 35 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई थी। इस दौरान रिलायंस ग्रुप से जुड़ी लगभग 50 कंपनियों और 25 व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली गई।
CBI की FIR के बाद ईडी की कार्रवाई
ईडी की इस जांच की नींव केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई दो FIR पर टिकी है। सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस वर्ष 2017 से 2019 के बीच यस बैंक द्वारा अनिल अंबानी की कंपनियों को दिए गए संदिग्ध कर्ज और कथित फंड डायवर्जन पर है। बताया गया है कि लोन देने से ठीक पहले यस बैंक के प्रमोटर्स को अनिल अंबानी के व्यवसायों से धन प्राप्त हुआ था। ईडी अब इस पूरे लेन-देन को रिश्वत और लोन के गठजोड़ के रूप में जांच रही है।
सामने आईं कई वित्तीय अनियमितताएं
जांच के दौरान सामने आया है कि, फर्जी या असत्यापित वित्तीय पृष्ठभूमि वाली कंपनियों को लोन दिए गए। कई कंपनियों के निदेशक और पते एक जैसे पाए गए। लोन फाइलों में जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं थे। शेल कंपनियों के नाम पर लोन जारी किए गए। पुराने कर्ज चुकाने के लिए नए लोन दिए गए।
रिलायंस ग्रुप ने दी सफाई
रिलायंस ग्रुप की दो कंपनियों रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि वे ईडी की कार्रवाई में सहयोग कर रही हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इस जांच का उनके बिजनेस ऑपरेशंस, वित्तीय प्रदर्शन, स्टाफ या शेयरधारकों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सेबी और अन्य संस्थानों ने भी जताई चिंता
इस मामले में कई वित्तीय नियामक एजेंसियों ने भी अपनी रिपोर्टें ईडी के साथ साझा की हैं। इनमें नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। SEBI ने विशेष रूप से रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया है। सेबी की रिपोर्ट के मुताबिक, RHFL का कॉर्पोरेट लोन पोर्टफोलियो FY18 में ₹3,742 करोड़ से बढ़कर FY19 में ₹8,670 करोड़ पहुंच गया।
यह पहली बार नहीं है जब अनिल अंबानी की कंपनियों को धोखाधड़ी से जोड़ा गया हो। नवंबर 2020 में एसबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और अनिल अंबानी को ‘फ्रॉड अकाउंट्स’ घोषित किया था। इसके बाद 5 जनवरी 2021 को सीबीआई में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, जिसे बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वापस ले लिया गया। अब देखना यह होगा कि 5 अगस्त को होने वाली पूछताछ में अनिल अंबानी क्या जवाब देते हैं और इस हाई प्रोफाइल मामले में आगे क्या मोड़ आता है।