Ankita murder case: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर 'VIP' का नाम छिपाने का आरोप लगाया
Ankita Bhandari Murder Case
भारत
चेतना मंच
06 Dec 2022 02:45 AM
Ankita murder case कांग्रेस ने सोमवार को उत्तराखंड की भाजपा नीत सरकार पर अंकिता भंडारी हत्याकांड में 'वीआईपी' का नाम छिपाने का आरोप लगाया और कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जानी चाहिए।
Ankita murder case
यहां जारी एक बयान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि राज्य सरकार के दबाव में पुलिस अंकिता हत्याकांड की जांच में एक भी कदम आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा, ‘‘वीआईपी के नाम का खुलासा करने की बजाय वह उसके बचाव का षडयंत्र कर जनता की आंखों में धूल झोंक रही है।’’
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस वीआईपी का बचाव किया जा रहा है, इसका खुलासा करने के लिए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए जिससे अंकिता के परिजनों को न्याय मिल सके।
ऋषिकेश के निकट पौड़ी जिले के गंगा भोगपुर क्षेत्र में वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीया अंकिता की सितंबर में कथित तौर पर रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर चीला नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी।
पूछताछ में सामने आया कि कथित तौर पर किसी वीआईपी को 'एक्सट्रा सर्विस' देने से मना करने पर अंकिता की हत्या की गयी।
माहरा ने कहा कि मामला तत्कालीन भाजपा नेता से जुड़े होने के कारण पुलिस पहले दिन से सबूत नष्ट करने में लगी रही और इसी कारण अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी देर से दर्ज की गयी।
उन्होंने कहा कि अपराध के एक सप्ताह बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और उसके बाद भी कई दिन तक उन्हें पुलिस हिरासत में नहीं लिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हत्याकांड के सबूत मिटाने की नीयत से रिजॉर्ट में तोड़फोड व आगजनी करवाना, पीड़िता के बिस्तर को स्वीमिंग पूल में डालना आदि पुलिस जांच पर सवाल खड़े करते हैं।’’
उत्तराखंड पुलिस ने रविवार को कहा था कि वह अगले 10 दिनों में अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर देगी तथा कथित वीआईपी के बारे में सच्चाई सामने लाने के लिए उनका नार्को टेस्ट भी करवाएगी।
राज्य पुलिस के प्रवक्ता और अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून—व्यवस्था वी मुरूगेशन ने कहा कि आरोपियों तथा रिजॉर्ट के स्टाफ ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया है कि रिजॉर्ट में प्रेसिडेंशियल सूट में ठहरने वाले को वीआईपी कहा जाता है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बारे मे सच्चाई का पता लगाने के लिए आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही अदालत में अर्जी देकर उसकी अनुमति ली जाएगी।