
नोएडा/ग्रेटर नोएडा (Noida/Greater Noida) में कुल मिलाकर 549 शराब की दुकानें राजधानी दिल्ली से सटे हैं अच्छी हैं या जहां भी गली कूँचे में हैं बिना मुर्हूत या इनोऔगरैशन के खुल गईं और झक्कास व्यापार दे रही हैं। यूपी में भी ये ही सबसे अच्छी कमाऊ पूत हैं। खाली नोएडा/ग्रेटर नोएडा (Noida/Greater Noida) में ही 1 से 7 मार्च तक 14 करोड का व्यापार दिया। इतना ही नहीं लॉकडाउन के बाद इन दुकानों ने 300 करोड का व्यापार दे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत की थी।
गाजियाबाद में होली पर 39 करोड का व्यापार दिया। बिजनौर का आबकारी विभाग तो 27 करोड की सेल उठा मालामाल हो गया। कानपुर इनसे भी आगे 50 करोड की यानि देसी विदेशी दोनों .. हमें पीने दो, हमें जीने दो ...
ये भी क्या करें? सबके दिन आते हैं इनके भी आए हैं। कोरोना काल में कोई भूखा न रहे इसलिए सरकार ने व्यवस्था दी थी फ्री राशन की। जो कि एक वर्ष के लिए और बढा दी गई है। बाकी सामान तो हर रोज खरीदा नहीं जाता सिर्फ खाने का सामान ही हर रोज खरीदना होता है उसकी तो अब कोई चिंता ही नहीं है। इनके घर से इनकी औरतें जो सुबह ही कमाने निकलती हैं घरों में सहायिका के रूप में कार्य करती हैं। भोजन कपड़ा तथा अन्य सामान उन घरों से भी वे ले ही आती हैं। इनके घर की बेटियां भी नौकरी करने वालों के घर में अच्छी तनख्वाह पर उनके बच्चों की संभालने के काम पा जाती है। अब पुरुषों के पास यही काम रह जाता है घर में चारपाई पर सोना और टाइम पास (time pass) के लिए देसी-विदेशी (Domestic-Foreign) दारू (Alcohol) पीना। ऐसे में होली तो एक अच्छा ‘मौका’ बन गई और पिछले सालों के सारे ही रिकॉर्ड तोड़ गई। लोगों का यह भी मानना है कि ये भी एक व्यवस्था सी ही बन गई है। सरकार फ्री में इनको खाने को राशन दे रही है। ये अपनी बचत दारू पीकर सरकार को अच्छा राजस्व दे लौटा देते हैं।
पर ये अकेले नहीं हैं। इनके सहयोगी वे लोग भी हैं जो कि मल्टीनेशनल कंपनियों में मोटी तनख्वाह पर कार्यरत हैं या व्यापारी जो कि बहुत मोटा टैक्स भर इस व्यवस्था का बोझ ढो रहे हैं। उन्हें भी रातों को नींद नहीं आती कि यदि नौकरी न रही तो मेरा और मेरे परिवार का क्या होगा। जवाब नेगेटिव ही दिखता है इसलिए वे भी पीते हैं। अब जो व्यापार तरक्की करेगा काम भी तो उसी पर किया जाएगा न? अंगूर कि बेटी के पंखों को उड़ान ऐसे ही नहीं है।
(लेखिका सामाजिक कार्यकर्ता व चेतना मंच की प्रतिनिधि हैं)