
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के ऑफिशियल टि्वटर हैंडल से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से यह ट्वीट किया गया है कि -"यह दुर्भाग्य है कि पिछड़ों का हक छीना जा रहा है। भाजपा अगर सत्ता में रही तो बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने जो अधिकार दिए हैं उन अधिकारों को धीरे धीरे छीन लिया जाएगा। भाजपा आरक्षण विरोधी है, पिछड़ा विरोधी है और दलित विरोधी है"।निकाय चुनावों में ओबीसी का आरक्षण खतम करने का फ़ैसला दुर्भाग्यपूर्ण। उत्तरप्रदेश सरकार की साज़िश। तथ्य न्यायालय के समक्ष जानबूझकर प्रस्तुत नहीं किए।उत्तर प्रदेश की साठ फ़ीसदी आबादी को आरक्षण से वंचित किया।ओबीसी मंत्रियों के मुँह पर ताले। मौर्या की स्थिति बंधुआ मज़दूर जैसी !
— prof ram gopal yadav (@proframgopalya1) December 27, 2022
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने ऑफिशल टि्वटर हैंडल से ट्वीट किया है कि -"आज आरक्षण विरोधी भाजपा निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के विषय पर घड़ियाली सहानुभूति दिखा रही है। आज भाजपा ने पिछड़ों के आरक्षण का हक छीना है, कल भाजपा बाबा साहब द्वारा दिए गए दलितों का आरक्षण भी छीन लेगी। आरक्षण को बचाने की लड़ाई में पिछड़ों व दलितों से सपा का साथ देने की अपील है।"ये दुर्भाग्य है कि पिछड़ो का हक़ छीना जा रहा है, भाजपा अगर सत्ता में रही तो बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी ने जो अधिकार दिए हैं, उन अधिकारों को धीरे धीरे छीन लिया जाएगा। भाजपा आरक्षण विरोधी है, पिछड़ा विरोधी है और दलित विरोधी है।
-मा. राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/ykmOomVK0x — Samajwadi Party (@samajwadiparty) December 27, 2022
हाईकोर्ट के फैसले के बाद से लगातार भाजपा सरकार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा इस पर कैसे पलटवार करती है।आज आरक्षण विरोधी भाजपा निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के विषय पर घड़ियाली सहानुभूति दिखा रही है। आज भाजपा ने पिछड़ों के आरक्षण का हक़ छीना है,कल भाजपा बाबा साहब द्वारा दिए गये दलितों का आरक्षण भी छीन लेगी।
आरक्षण को बचाने की लड़ाई में पिछडों व दलितों से सपा का साथ देने की अपील है। — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 27, 2022
हाईकोर्ट का फैसला- उत्तर प्रदेश में बिना ओबीसी आरक्षण के कराना होगा निकाय चुनाव ,बिहार में भी बिना ट्रिपल टेस्ट के कोर्ट ने रोका था चुनाव