Bihar Politics: 30 साल में पलट गई सियासत, छोटा भाई से ‘बड़ा भाई’ कैसे बन गई BJP?

बिहार की राजनीति में 30 साल में बड़ा बदलाव आया है। कभी छोटा भाई रही BJP आज कैसे सबसे बड़ी ताकत बन गई? पढ़िए बिहार की बदलती सियासत की पूरी कहानी।

बिहार में BJP के बढ़ते कद की कहानी
बिहार में BJP के बढ़ते कद की कहानी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 02:08 PM
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Bihar Politics : बिहार की राजनीति में पिछले तीन दशकों में ऐसा बदलाव आया है जिसने सत्ता के पूरे समीकरण को बदल दिया। कभी गठबंधन में “छोटे भाई” की भूमिका निभाने वाली भारतीय जनता पार्टी आज राज्य की राजनीति में सबसे मजबूत ताकत बनती दिखाई दे रही है। वहीं लंबे समय तक सत्ता की कमान संभालने वाली जनता दल यूनाइटेड अब कई मौकों पर राजनीतिक रूप से पीछे नजर आती है। सवाल उठ रहा है कि आखिर 30 साल में ऐसा क्या हुआ कि बिहार की राजनीति में ताकत का संतुलन पूरी तरह बदल गया?

90 के दशक में BJP की सीमित ताकत

1990 के दशक में बिहार की राजनीति पर क्षेत्रीय दलों का दबदबा था। उस दौर में लालू प्रसाद यादव और बाद में नीतीश कुमार जैसे नेताओं का प्रभाव ज्यादा था। उस समय भाजपा को राज्य में मजबूत आधार बनाने के लिए सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ता था। गठबंधन की राजनीति में भाजपा को अक्सर “जूनियर पार्टनर” माना जाता था।

2005 में बदली सत्ता की तस्वीर

बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ 2005 में आया जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में JDU-BJP गठबंधन ने चुनाव जीतकर सरकार बनाई।

इस चुनाव में:

  • JDU को ज्यादा सीटें मिलीं
  • BJP सहयोगी दल के रूप में सरकार में शामिल हुई

उस समय तक भी यह माना जाता था कि बिहार की राजनीति में नेतृत्व की कमान जेडीयू के हाथ में है।

2014 के बाद बढ़ने लगी BJP की ताकत

2014 के लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदलने लगी। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने देशभर में बड़ी जीत हासिल की और बिहार में भी उसका प्रभाव बढ़ने लगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इसी दौर में भाजपा ने:

  • बूथ स्तर तक संगठन मजबूत किया
  • नए सामाजिक वर्गों में पैठ बनाई
  • युवाओं और शहरी वोटरों को जोड़ा

इन रणनीतियों का असर अगले चुनावों में साफ दिखाई देने लगा।

2020 चुनाव में पहली बार JDU से आगे निकली BJP

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा ने अपने सहयोगी दल जेडीयू से ज्यादा सीटें जीतीं।

  • BJP – 74 सीट
  • JDU – 43 सीट

हालांकि मुख्यमंत्री फिर भी नीतीश कुमार ही बने, लेकिन इस चुनाव ने यह साफ संकेत दे दिया कि गठबंधन में भाजपा का कद अब पहले से कहीं ज्यादा बड़ा हो चुका है।

बदलते सामाजिक समीकरण भी बड़ी वजह

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा के उभार के पीछे सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक समीकरण भी हैं।

पिछले दशक में भाजपा ने बिहार में

  • गैर-यादव पिछड़ा वर्ग
  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग
  • शहरी मध्यम वर्ग

के बीच अपना प्रभाव बढ़ाया है। इससे पार्टी का वोट बैंक तेजी से मजबूत हुआ।

आगे क्या होगा बिहार की राजनीति में?

बिहार की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। एक तरफ भाजपा का तेजी से बढ़ता प्रभाव है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल और जेडीयू जैसी पार्टियों की चुनौती भी बरकरार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा बिहार में पूरी तरह “बड़े भाई” की भूमिका में आ पाएगी या फिर राज्य की गठबंधन राजनीति कोई नया मोड़ लेगी।

निष्कर्ष

करीब 30 साल पहले बिहार में जो भाजपा सिर्फ सहयोगी दल के रूप में जानी जाती थी, वही आज राज्य की राजनीति की सबसे प्रभावशाली ताकतों में गिनी जा रही है। बिहार की यह बदलती सियासत आने वाले चुनावों में और भी दिलचस्प होने वाली है। Bihar Politics

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माइलेज और परफॉर्मेंस का परफेक्ट मिश्रण, 150-200cc की ये 5 बाइक्स हैं बेहतरीन

हाई माइलेज वाली बाइक चाहते हैं, तो टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 एक बेहतरीन विकल्प है। यह बाइक दो वेरिएंट—आरटीआर 160 2वी और आरटीआर 160 4वी में आती है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 61 किमी प्रति लीटर तक का शानदार माइलेज देती है।

Bike High Mileage
5 मॉडल्स देंगे जबरदस्त परफॉर्मेंस और माइलेज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Mar 2026 02:01 PM
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Bike High Mileage : भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में बाइक खरीदने वाले ग्राहकों के लिए माइलेज हमेशा से एक अहम फैक्टर रहा है। अगर आप भी माइलेज के साथ-साथ शानदार परफॉर्मेंस और स्टाइल वाली बाइक की तलाश में हैं, तो 150-200cc सेगमेंट आपके लिए सबसे सही विकल्प साबित हो सकता है। इस खबर में हम आपको इस सेगमेंट की 5 ऐसी बाइक्स के बारे में बताएंगे, जो न केवल बेहतरीन पिकअप देती हैं, बल्कि ईंधन की बचत में भी अपना सानी नहीं रखती हैं।

1. टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 (TVS Apache RTR 160)

अगर आप कम कीमत में हाई माइलेज वाली बाइक चाहते हैं, तो टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 एक बेहतरीन विकल्प है। यह बाइक दो वेरिएंट—आरटीआर 160 2वी और आरटीआर 160 4वी में आती है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 61 किमी प्रति लीटर तक का शानदार माइलेज देती है, जो इस श्रेणी में सबसे अधिक है। इसे 150-200cc सेगमेंट की सबसे किफायती और ईंधन-कुशल मोटरसाइकिल माना जाता है। कीमत: ₹ 1,12,190 - ₹ 1,23,990 (एक्स-शोरूम)

2. बजाज पल्सर NS160 (Bajaj Pulsar NS160)

स्पोर्टी लुक और दमदार परफॉर्मेंस के लिए बजाज पल्सर NS160 का नाम अलग से लिया जाता है। एडवांस्ड फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और 160.3 सीसी ऑयल-कूल्ड इंजन के साथ यह बाइक 17.03 बीएचपी की पावर जनरेट करती है। पांच-स्पीड गियरबॉक्स से लैस यह बाइक शहर और हाईवे दोनों पर बेहतरीन परफॉर्मेंस देती है। इसे भारत की सबसे ज़्यादा ईंधन-कुशल मोटरसाइकिलों में गिना जाता है। कीमत: ₹ 1,21,109 - ₹ 1,29,487 (एक्स-शोरूम)

3. बजाज पल्सर एन160 (Bajaj Pulsar N160)

अगर आप किफायती बजट में आधुनिक तकनीक और आकर्षक डिज़ाइन की तलाश में हैं, तो पल्सर एन160 आपको पसंद आएगी। इस सेगमेंट के अपने कई स्पोर्टी प्रतिद्वंद्वियों के विपरीत, यह बाइक लगभग 51 किमी प्रति लीटर का शानदार माइलेज देती है। इसका डिज़ाइन काफी मजबूत और आधुनिक है, जो युवाओं को खूब पसंद आ रहा है। कीमत: ₹ 1,14,401 - ₹ 1,26,856 (एक्स-शोरूम)

4. यामाहा आर15 वी4 (Yamaha R15 V4)

इस लिस्ट में यामाहा आर15 वी4 सबसे दिलचस्प मोटरसाइकिल है। ट्रैक पर राज करने वाली फुली फेयर्ड बाइक्स से प्रेरित इसका डिज़ाइन काफी आकर्षक है। स्मार्ट हाइब्रिड तकनीक से लैस यह बाइक 50 किमी प्रति लीटर से ज्यादा का माइलेज देती है। अगर आप स्पीड और स्टाइल के साथ माइलेज भी नहीं छोड़ना चाहते, तो यह बेस्ट पिक है। कीमत: ₹ 1,66,200 - ₹ 1,70,800 (एक्स-शोरूम)

5. होंडा यूनिकॉर्न (Honda Unicorn)

भारतीय बाज़ार में कम्यूटर मोटरसाइकिलों में होंडा यूनिकॉर्न का अपना अलग मुकाम है। 162.7 सीसी इंजन से लैस इस बाइक को लंबे समय से ईंधन दक्षता का बादशाह माना जाता रहा है। यह बाइक उन राइडर्स के लिए बेहद उपयुक्त है जो रोज़ाना लंबी दूरी की यात्रा करते हैं और भरोसेमंद प्रदर्शन वाली कम रखरखाव वाली बाइक चाहते हैं। कीमत:₹ 1,12,892 (एक्स-शोरूम) Bike High Mileage

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एक बार फिर बढ़ी अनिल अंबानी की मुश्किलें, 12 ठिकानों पर ED का छापा!

Anil Ambani: यह कार्रवाई 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। पिछले महीने 3,500 करोड़ रुपये कीमत के बंगले की कुर्की के बाद अब अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

Anil Ambani
अनिल अंबानी
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Mar 2026 01:15 PM
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शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। पिछले महीने 3,500 करोड़ रुपये कीमत के बंगले की कुर्की के बाद अब अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

जांच की वजह

जांच का केंद्र रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े लोन हैं जो एसबीआई, यस बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं से लिया गया था। आरोप हैं कि इन बैंकों से ली गई धनराशि को नियमों की अनदेखी कर अन्य संस्थाओं और विदेशी खातों में डायवर्ट किया गया। मामला सिर्फ स्वदेशी बैंकों तक सीमित नहीं है इसमें चीनी सरकारी बैंकों से जुड़े 13,558 करोड़ रुपये का भी जोखिम सामने आया है।

ईडी की कार्रवाई का विस्तार

ईडी की टीमें रिलायंस पावर और इसके जुड़े आवासीय व पंजीकृत कार्यालयों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। शुरुआती संकेतों के अनुसार, यह कार्रवाई संदिग्ध लेन-देन और बड़े फंड ट्रांसफर की जांच के लिए की जा रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एक विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है।

लगातार बढ़ता दबाव

फरवरी 2026 में ED ने अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान घर ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया था। बंगले की अनुमानित कीमत 3,500 करोड़ रुपये बताई गई थी। अब तक ED ने अंबानी समूह की कुल संपत्तियों में से 15,700 करोड़ रुपये की कुर्की कर दी है।

क्या है अगला कदम?

जांच की गहराई और ED की सख्ती देखते हुए अनिल अंबानी और रिलायंस पावर के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण रहेंगे। अब यह देखने वाली बात होगी कि बड़ी संपत्तियों और फंड ट्रांसफर की पड़ताल किस हद तक होती है और अदालत में इसका क्या परिणाम निकलता है।