कोरोनावायरस को लेकर ज्यादातर लोग अब लापरवाह हो चले हैं। कुछ प्रतिशत लोग ही हैं जो दिन में कई बार हाथ धोने और सामाजिक दूरी बनाए रखने का सख्ती से पालन कर रहे हैं। लोग कोरोना से ज्यादा इस डर से मास्क लगा रहे हैं कि कहीं पुलिस जुर्माना न कर दे। मास्क भी लोग ज्यादातर तो नाक के नीचे लगाए एक नजर आते हैं। बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ भरपूर है। बहुत गंभीरता से देखा जाए तो कोरोना के भय से लोग मुक्त दिखाई देते हैं। कोरोना की दूसरी जानलेवा लहर से हुई मौतों का आंकड़ा भी अब चर्चा का विषय नहीं है।
एक तरफ लापरवाही है, कोरोना वैक्सीन की सौ करोड़ डोज लगाए जाने पर सरकार की वाहवाही है और दूसरी तरफ कोरोना के मामले बढ़ने की खबरें आ रही हैं। पिछले सात सप्ताह में ही डेल्टा वेरिएंट दोगुना हो चुका है और ग्यारह गुना डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले बढ़े हैं। इस बात को स्वीकार किया जाना चाहिए कि कोरोना संक्रमण का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है तथा त्यौहार और चुनाव के बीच एक बार हालात फिर खराब होने की पूरी आशंका है। विशेषज्ञों ने इस बात की आशंका व्यक्त की है कि देश की राजधानी दिल्ली में त्योहारों के बाद कोरोना का असर देखने को मिल सकता है। देश के अनेक राज्यों में कोरोना के नए केस मिलने खबरें भी मिल ही रही हैं। बेशक केसों की संख्या कम है लेकिन कम केस भी यह तो दर्शाते ही हैं कि कोरोना का खतरा बना हुआ है। बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों में कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं।
भारत में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट डेल्टा प्लस एवाई 4.2 सामने आया है। यह नया वेरिएंट ब्रिटेन, रूस, इसराइल समेत दुनिया के कई देशों में तबाही मचा रहा है। भारत में भी इसके संक्रमण की रिपोर्ट सामने आ रही है। अभी इससे संक्रमितों की संख्या बहुत अधिक नहीं है लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं दे सकता कि अन्य देशों की तरह एवाई 4.2 भारत में कहर नहीं बरपाएगा।
अगर चीन की बात करें तो वहां के अलग-अलग शहरों में कोरोना फिर से बढ़ने लगा है। चीन के उत्तरी और उत्तरी पश्चिमी प्रांत में कई शहरों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और तमाम उड़ानों को स्थगित भी करने की खबरें वहां से आ रही हैं। चीन के लांझू शहर में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूरी तरह लॉकडाउन लगा दिया गया है। लांझू में लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। कुल मिलाकर चीन के ग्यारह प्रांतों में स्थिति गंभीर है।
रूस की बात करें तो वहां कोरोना संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि दर्ज की जा रही है। पिछले दिनों मात्र 24 घंटे में रूस में संक्रमण के करीब 38,000 नए मामले सामने आए और इस अवधि में 1000 से ज्यादा लोग अकाल मृत्यु का शिकार हुए। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने रूस में 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक छुट्टी घोषित कर दी है।
अपने देश भारत में कोरोना से जुड़ा एक आंकड़ा निश्चित रूप से डराने वाला है। देश में 11 से 17 अक्टूबर तक कोरोना से 1507 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 18 से 24 अक्टूबर के बीच कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2422 हो गई। कोरोना से मृत्यु के मामलों में 61 फ़ीसदी की वृद्धि किसी आने वाले बड़े खतरे का संकेत भी हो सकती है।
दो दिन पहले एक तरफ कुछ समाचार पत्रों ने यह समाचार प्रकाशित किया था कि उत्तर प्रदेश में कोरोना फिर से सिर उठा रहा है, दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना का लगभग खात्मा हो चुका है। दोनों समाचार विरोधाभासी हैं। बहरहाल ये समाचार जरूर राहत पहुंचाने वाला है कि उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ से ज्यादा लोग पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हो चुके हैं और कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 12 करोड़ के पास पहुंच गया है। लेकिन प्रदेश की आबादी 20 करोड़ से ज्यादा है और अभी बहुत काम करना बाकी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि अब कोरोना का रौद्र रूप देखने को नहीं मिलेगा और हालात काबू में रहेंगे। परंतु यह तभी संभव होगा जब लोग वैक्सीन भी लगवाएं और सुरक्षा के तमाम उपायों का सख्ती से पालन भी करें।