Noida News : 2.35 अरब की बकाया राशि वसूली के मामले में मौन साधे हैं प्राधिकरण के अफसर!
Noida News: State's first structural audit policy implemented
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:37 AM
कैग ने जांच रिपोर्ट में किया था इस लापरवाही का उजागर
Noida: नोएडा । नोएडा प्राधिकरण(Noida Authority ) के उद्योग विभाग की लापरवाही की इंतिहा देखिये कि 26 आवंटियों से प्राधिकरण 2 अरब 35 करोड़ रूपये का शुल्क तक नहीं वसूल कर सका। यह लापरवाही जानबूझकर की गई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
कैग की रिपोर्ट में इस लापरवाही का खुलासा हुआ है। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में मिश्रित भूमि उपयोग के तहत 26 कंपनियों के शोरूम खोलने की मंजूरी दी गयी थी। लेकिन इसके बदले प्राधिकरण आवंटियों से शुल्क की वसूली करना भूल गया। इसके कारण प्राधिकरण को 2 अरब, 35 करोड़, 6 लाख, 69 हजार, 87 रूपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इन बकायेदारों में हुंडई, निशान, हीरो, टोयटा जैसी कंपनियों के शोरूम शामिल हैं।
बता दें कि सेक्टर-1, 2, 3, 5, 6, 7, 8, 9, 10 औद्योगिक सेक्टरों में उद्योग से संबंधित ही काम काज करने की अनुमति है। लेकिन कई आवंटियों ने यहां वाणिज्यिक गतिविधियां भी शुरू कर दी। जिनमें कई वाहनों के शोरूम भी शामिल हैं। इसके मददेनजर कुछ वर्ष पूर्व प्राधिकरण ने इस समस्या का समाधान करने के लिए मिश्रित भूमि उपयोग योजना लांच की थी। इसके तहत औद्योगिक भूखंडों में व्यवसायिक उपयेाग कर कंपनी मालिक एक साथ फीस देकर मिश्रित भूमि उपायोग के तहत कार्य में बदलाव कर सकती है। इसके तहत 26 कंपनियों ने इस योजना में आवेदन किया था। प्राधिकरण ने उन्हें व्यवसायिक उपयोग करने की मंजूरी भी दे दी लेकिन उनसे फीस नहीं वसूली।
सूत्रों की मानें तो उद्योग विभाग के अफसरों तथा आवंटियों की मिलीभगत से 2 अरब, 35 करोड़ की वसूली नहीं की गयी। इस बाबत प्राधिकरण के आला अधिकारी भी कुंभकर्णी नींद में सोए रहे। कैग ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस लापरवाही को पकड़ा तब जाकर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ। अभी तक प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारी इस रकम की वसूली को लेकर कुछ बोलने की बजाए जवाब देने से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।