Award : विवादों में घिरा उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का भारत भारती सम्मान
भारत
RP Raghuvanshi
06 Aug 2022 07:31 PM
उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की ओर से वर्ष-2021 के लिए साहित्य सम्मान की घोषणा विवादों में घिर गई है। साहित्यिक संस्था ''रचनाकार" के संस्थापक अध्यक्ष सुरेश कुमार चौधरी ने इस पर सख्त ऐतराज जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath)को खत लिखा है। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्घ शायर दीक्षित दनकौरी को भारत भारती सम्मान नहीं मिलने से सैकड़ों साहित्यकार अपमानित महसूस कर रहे हैं, लिहाजा इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री श्री योगी को भेजे खत में सुरेश कुमार चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को पुरस्कृत करने के लिए नामों की संस्तुति आमंत्रित करता है। इस वर्ष के लिए भी संस्तुतियां आमंत्रित की गईं थीं। वर्ष-2021 के भारत भारती पुरस्कार के लिए हिन्दी गजल के प्रचार प्रसार के क्षेत्र में गत 30-35 वर्षों से निरंतर उल्लेखनीय कार्य करने वाले विश्वविख्यात कवि व शायर दीक्षित दनकौरी के नाम की संस्तुति सर्वाधिक गणमान्य व्यक्तियों और संस्थाओं ने की थी। उनके शेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू अपनी कथाओं में उद्धृत करते रहे हैं। बावजूद इसके भारत भारती सम्मान के लिए दीक्षित दनकौरी के नाम पर विचार नहीं किया गया। इससे उनके नाम की संस्तुति करने वाले साहित्यकार और प्रशंसक खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
सुरेश कुमार चौधरी ने सवाल उठाया है कि जब संस्तुतियों का कोई महत्व ही नहीं है तो इस प्रकार संस्तुति आमंत्रित करने का औचित्य ही क्या है? उन्होंने श्री योगी से अनुरोध किया है कि वे उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से तथ्यों की जानकारी लेकर समुचित कार्रवाई करें ताकि सरकार की निष्पक्षता और पारदर्शिता कायम रहे।