
Azam Khan Bail : यूपी के पूर्व संसदीय कार्यमंत्री और रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खां सवा दो साल के बाद अब जेल से बाहर आएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आज समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान को अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित करते हुए कहा कि लंबित मामलों में निचली अदालत से जमानत मिलने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हे अंतरिम जमानत दी है। उनको 88 केसों में पहले ही राहत मिल चुकी है। अगर और कोई मुकदमा उन पर नहीं लगाया जाता है तो वह आज शाम तक रिहा होकर अपने घर पहुंच सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एक के बाद एक उन पर मुकदमों को क्यो लादा जा रहा है। आजम खां के वकील कपिल सिब्बल ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा था कि यह एक संयोग नहीं है बल्कि राजनीतिक दबाव के तहत उन पर मुकदमे लगाए गए हैं।
आपको बता दें कि आजम खां सपा नेता अखिलेश सरकार में संसदीय कार्यमंत्री थें और मुख्यमंत्री के बाद वही सबसे ताकतवर नेता माने जाते थें। लेकिन प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद आजम खां के बुरे दिन शुरू हो गए। उन पर कई मुकदमों पर सुनवाई शुरू हुई। उनके बेटे अब्दुल्ला की फर्जी सर्टीफिकेट के अलावा कई अवैध सम्पत्तियों पर कब्जे को लेकर उन्हे जेल भेजा गया। एक अन्य मामले में आजम खान के खिलाफ 2019 में रामपुर के अजीमनगर थाने में शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने के आरोप में मामला दर्ज कराया गया था।
आपको बता दें कि आजम खां सवा दो साल बाद यानि 27 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे। यह समय उन्होंने जेल की काल कोठरी में गुजारा। यह पहला मौका नहीं है जब आजम खां महीनों जेल में बिताकर आ रहे हों। आपातकाल के दौरान भी वे जेल में रहे थे। इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में देश में लगाई गई इमरजेंसी का विरोध करने के चलते आजम खां को जेल जाना पड़ा था। तब वो 19 महीने सलाखों के पीछे रहने के बाद बाहर आए थे।
साल 2017 में यूपी में योगी सरकार के आने के बाद आजम खान के खिलाफ ऐसा कानूनी शिकंजा कसा कि एक के बाद एक कुल 89 मुकदमे दर्ज हो गए। 26 फरवरी 2020 को आजम रामपुर में गिरफ्तार हुए और 27 फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं। सवा दो साल बाद जेल में रहने के बाद आजम खान को सभी मामलों में जमानत मिल गई है।