ममता बनर्जी के गढ़ से मैदान में उतरेंगे सुवेंदु अधिकारी, बीजेपी ने जारी की 144 उम्मीदवारों की सूची

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)ने आगामी चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस सूची में 144 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।

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सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव मैदान में
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Mar 2026 05:47 PM
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Bengal Elections : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)ने आगामी चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस सूची में 144 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा उस फैसले की हो रही है जिसमें भाजपा ने वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।

ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे सुवेंदु अधिकारी

भाजपा की पहली सूची के अनुसार सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। यह सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारंपरिक और मजबूत सीट मानी जाती है। ऐसे में इस सीट पर होने वाला मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि दोनों ही नेता राज्य की राजनीति के बड़े चेहरे हैं।

बीजेपी की पहली सूची में 144 उम्मीदवारों के नाम

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची में 144 प्रत्याशियों की घोषणा की है। पार्टी ने कई मौजूदा नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सूची के जरिए भाजपा ने राज्य में मजबूत चुनावी रणनीति का संकेत दिया है।

एक बार फिर बंगाल में होगा हाई-प्रोफाइल मुकाबला

सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पहले भी चर्चा में रही है। दोनों नेता कई बार एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले कर चुके हैं। अब जब भाजपा ने अधिकारी को सीधे ममता बनर्जी की सीट से उतारा है, तो यह मुकाबला राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा चुनावी संघर्ष बन सकता है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हुई

उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल अब अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में अन्य पार्टियां भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।


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पश्चिम बंगाल में भाजपा ने घोषित कर दिए प्रत्याशी, होगा कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए 144 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं।

बंगाल चुनाव में BJP का बड़ा दांव
बंगाल चुनाव में BJP का बड़ा दांव
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar16 Mar 2026 05:34 PM
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West Bengal Legislative Assembly Elections 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए 144 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। इस सूची की सबसे बड़ी चर्चा यह है कि पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर से मैदान में उतार दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है। 

ममता बनर्जी को सीधी चुनौती

भवानीपुर सीट पश्चिम बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में मानी जाती है और यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रही है। भाजपा ने यहां से सुवेंदु अधिकारी को उतारकर सीधा मुकाबला खड़ा कर दिया है। इससे पहले 2021 के चुनाव में भी नंदीग्राम सीट पर दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था, जिसमें सुवेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की थी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर से सुवेंदु को उतारकर भाजपा ने चुनावी लड़ाई को सीधे “ममता बनाम सुवेंदु” बना दिया है, जिससे चुनाव का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

दो चरणों में होगा मतदान

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को कराए जाएंगे। इसके बाद 4 मई को मतगणना होगी और नई सरकार का फैसला सामने आएगा। 

BJP की रणनीति: बड़े चेहरों पर दांव

भाजपा की पहली सूची में कई बड़े नेताओं को टिकट दिया गया है। पार्टी का लक्ष्य उन क्षेत्रों में मजबूत चुनौती देना है जहां पिछली बार वह मजबूत प्रदर्शन कर चुकी थी।

सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस बार राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए आक्रामक चुनावी रणनीति के साथ मैदान में उतरी है। 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर पार्टी ने चुनाव अभियान को तेज करने का संकेत दे दिया है।

बंगाल में त्रिकोणीय मुकाबले की तैयारी

पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच माना जा रहा है, जबकि वाम दल और कांग्रेस भी गठबंधन के साथ मैदान में हैं। ऐसे में चुनावी मुकाबला कई सीटों पर बहुकोणीय होने की संभावना है।

राजनीतिक संदेश भी बड़ा

भाजपा द्वारा ममता बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी को उतारना केवल चुनावी फैसला नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भाजपा इस बार बंगाल में सीधी टक्कर और आक्रामक चुनावी अभियान के मूड में है। West Bengal Legislative Assembly Elections 2026

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भारत के प्रधानमंत्री पद को लेकर बड़ा दावा

भारत के प्रधानमंत्री (Prime Minister of India) पद को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। चेतना मंच के साथ एक खास बातचीत में एक प्रसिद्ध ज्योतिषी ने भारत के प्रधानमंत्री पद को लेकर बड़ा दावा किया है।

PM पद पर ज्योतिषी का बड़ा दावा
PM पद पर ज्योतिषी का बड़ा दावा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar16 Mar 2026 04:28 PM
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Prime Minister of India : भारत के प्रधानमंत्री (Prime Minister of India) पद को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। चेतना मंच के साथ एक खास बातचीत में एक प्रसिद्ध ज्योतिषी ने भारत के प्रधानमंत्री पद को लेकर बड़ा दावा किया है। भारत के प्रधानमंत्री पद को लेकर किए गए इस दावे के साथ ज्योतिषी ने भारत में अब तक हुए सभी प्रधानमंत्रियों के नाम को भी जोड़ा है। त्योतिषी के द्वारा किया गया यह दावा सच साबित होता है तो भारत के अनेक नेताओं का प्रधानमंत्री बनने का सपना अधूरा ही रह जाएगा। भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद भाजपा के नेता अमित शाह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। Prime Minister of India

R अक्षर के बिना नाम वाला नहीं बन सकता भारत का प्रधानमंत्री

पंडित हर स्वरूप शास्त्री एक प्रसिद्ध ज्योतिषी हैं। शास्त्री जी को नाम ज्योतिष में खास महारत हासिल है। पंडित हर स्वरूप शास्त्री का दावा है कि जिस व्यक्ति के नाम में R (र) अक्षर नहीं है वह व्यक्ति ना तो कभी भारत का प्रधानमंत्री बना है और ना ही ऐसा व्यक्ति भविष्य में भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है जिस व्यक्ति के नाम में R (र) अक्षर मौजूद नहीं है। ज्योतिषी पंडित हर स्वरूप शास्त्री ने कहा है कि नाम ज्योतिष के आधार पर की गई गणना करने के बाद मैं यह बात पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि R अक्षर के बिना नाम वाले व्यक्ति के गृह नक्षत्र भारत का प्रधानमंत्री बनने के लायक नहीं होते हैं। Prime Minister of India

भारत के सभी प्रधानमंत्री रहे हैं R अक्षर नाम वाले

भारत में हुए अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के नाम में R अक्षर मौजूद रहा है। भारत के प्रधानमंत्री पद के इतिहास पर नजर डालें तो भारत में पंडित जवाहर लाल नेहरू, गुलजारी लाल नंदा, लाल बहादुर शास्त्री, श्रीमती इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर, वीवी नरसिम्हाराव, अटल बिहारी वाजपेयी, हरदन हली डोडे गोडा देवगोड़ा तथा मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे हैं। वर्तमान में नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं। Prime Minister of India

मनमोहन सिंह के नाम पर ज्योतिषी की सफाई

जब हमने ज्योतिषी पंडित हर स्वरूप शास्त्री से पूछा कि मनमोहन सिंह के नाम में तो R अक्षर नहीं था। फिर वें कैसे भारत के प्रधानमंत्री बन गए? इस सवाल पर सफाई देते हुए ज्योतिषी पंडित हर स्वरूप शास्त्री ने कहा कि मनमोहन सिंह हमेशा से अपने नाम के आगे सरदार शब्द लगाते थे। उनका पूरा नाम सरदार मनमोहन सिंह था। इस प्रकार उनके नाम की ऊर्जा में R अक्षर की ऊर्जा मौजूद थी। यही कारण है कि उन्हें भी प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला। श्री शास्त्री जी ने याद दिलाया कि जिस समय सरदार मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे उस समय श्रीमती सोनिया गांधी आसानी से प्रधानमंत्री बन सकती थी, किन्तु उनके नाम में R अक्षर की ऊर्जा नहीं थी। इस कारण वें भारत की प्रधानमंत्री नहीं बन पाई और ना ही कभी बन पाएंगी। Prime Minister of India

क्या होता है नाम ज्योतिष

यहां उस नाम ज्योतिष को भी समझना जरूरी है। जिसका नाम ज्योतिष के आधार पर भारत के प्रधानमंत्री पद को लेकर इतना बड़ा दावा किया गया है। भारत में सदियों से ज्योतिष को जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों से जोड़ा जाता रहा है। जन्म कुंडली, ग्रह-नक्षत्र और हस्तरेखा के साथ-साथ एक और दिलचस्प पद्धति है नाम ज्योतिष। बहुत से लोग यह मानते हैं कि व्यक्ति के नाम में छिपी ऊर्जा उसके स्वभाव, भाग्य और भविष्य पर प्रभाव डालती है। यही कारण है कि आजकल नाम बदलने, नाम की स्पेलिंग बदलने या बच्चे का नाम रखते समय ज्योतिषीय सलाह लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। नाम ज्योतिष को आम तौर पर अंक ज्योतिष (Numerology) से जोड़कर देखा जाता है। इस पद्धति में व्यक्ति के नाम के हर अक्षर को एक विशेष अंक से जोड़ा जाता है। इन अंकों को जोड़कर जो अंतिम संख्या बनती है, उसे उस व्यक्ति की भाग्य संख्या या नाम संख्या कहा जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार यह संख्या व्यक्ति के स्वभाव, जीवन की दिशा, सफलता-असफलता और कई बार उसके करियर तक के संकेत देती है। Prime Minister of India

क्या-क्या बताने का दावा करता है नाम ज्योतिष?

नाम ज्योतिष के जानकारों का दावा है कि किसी व्यक्ति के नाम से कई बातें पता चल सकती हैं, जैसे—

1.    व्यक्तित्व और स्वभाव – व्यक्ति शांत स्वभाव का है या आक्रामक, मिलनसार है या अंतर्मुखी।

2.    करियर की दिशा – किस क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना ज्यादा है।

3.    धन और सफलता – जीवन में आर्थिक स्थिति कैसी रह सकती है।

4.    रिश्ते और विवाह – रिश्तों में सामंजस्य या चुनौतियों के संकेत।

5.    भाग्य में उतार-चढ़ाव – जीवन में आने वाले अच्छे और कठिन समय के संकेत। Prime Minister of India

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