कपूर खानदान की विरासत पर छिड़ा संग्राम, संजय कपूर की मां का बड़ा आरोप
Sunjay Kapoor
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:20 AM
दिवंगत उद्योगपति और करिश्मा कपूर के पूर्व पति संजय कपूर की करीब ₹30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर छिड़ी पारिवारिक और कॉरपोरेट जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। उनकी मां रानी कपूर ने अब संजय कपूर की मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग ब्रिटेन की जांच एजेंसियों से की है। रानी कपूर का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद उन्हें और पारिवारिक विरासत को प्रणालीबद्ध तरीके से दरकिनार किया गया। इसके साथ ही उन्होंने Sona BLW Precision Forgings (Sona Comstar) के कामकाज और कंपनी के बोर्ड के निर्णयों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। Sanjay Kapoor Legacy
क्या है पूरा मामला?
संजय कपूर की अचानक मौत जून 2025 में यूनाइटेड किंगडम में हुई थी। आधिकारिक तौर पर मौत का कारण मधुमक्खी के डंक बताया गया, लेकिन रानी कपूर को इस पर संदेह है। उन्होंने इसे रहस्यमयी और असामान्य करार देते हुए ब्रिटिश अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।वहीं, रानी कपूर का दावा है कि बेटे की मौत के बाद शोक की स्थिति में बंद कमरे में उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, और अब उन्हीं कागजों के आधार पर उन्हें कंपनी और संपत्तियों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
शेयरहोल्डर्स को खुला खत
बीते दिनों Sona Comstar की सालाना आम बैठक से पहले रानी कपूर ने कंपनी के शेयरहोल्डर्स को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने कहा, "मुझे न केवल धोखे से दस्तावेजों पर साइन करवाया गया, बल्कि मुझे कंपनी के खातों और फैसलों से पूरी तरह अलग भी कर दिया गया। यह सब तब किया गया जब मैं अपने बेटे की मौत के सदमे में थी।" रानी कपूर ने यह भी कहा कि Sona Comstar और अन्य संपत्तियां उनके और उनके दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर द्वारा 1980–90 के दशक में स्थापित की गई थीं, जिन पर उनका अधिकार है।
कंपनी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
Sona Comstar ने 25 जुलाई को आधिकारिक बयान जारी कर रानी कपूर के सभी दावों को खारिज किया। कंपनी का कहना है कि, रानी कपूर 2019 से न कंपनी की शेयरधारक हैं, न ही निदेशक या अधिकारी। उनकी ओर से लगाए गए आरोप भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण हैं और इससे शेयरधारकों के हितों को नुकसान हो सकता है। कंपनी ने AGM में की गई नियुक्तियों को कानूनन सही बताया और कहा कि ये सभी फैसले नियामकीय मानदंडों के अनुसार हैं। कंपनी ने रानी कपूर को मानहानि का नोटिस भेजने की भी पुष्टि की है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, रानी कपूर के पास कई विकल्प मौजूद हैं। वे दीवानी अदालत में निषेधाज्ञा और विरासत अधिकारों की बहाली की मांग कर सकती हैं। कंपनी अधिनियम, 2013 के चैप्टर XVI के तहत उत्पीड़न और कुप्रबंधन के मामलों को लेकर एनसीएलटी (NCLT) का रुख किया जा सकता है। अगर उनके आरोपों में दम पाया गया, तो वे धोखाधड़ी, दबाव और दस्तावेज़ हेरफेर के लिए आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करवा सकती हैं। अब सवाल ये कि, कौन बनेगा संजय कपूर की विरासत का असली वारिस?