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चंद्रनाथ रथ 42 वर्षीय रथ सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट के रूप में करीब पांच साल से काम कर रहे थे। बुधवार देर रात उत्तरी 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Bengal News : बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में कई चौंकाने खुलासे हुए हैं। पुलिस और बीजेपी का का दावा है कि यह मर्डर एक सुनियोजित साजिश थी।
42 वर्षीय रथ सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट के रूप में करीब पांच साल से काम कर रहे थे। बुधवार देर रात उत्तरी 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कोलकाता हवाई अड्डे से महज कुछ किलोमीटर दूर, डोलतला और मध्यमग्राम चौमाथा के बीच दोहरिया के पास उनकी एसयूवी को रोककर इस वारदात को अंजाम दिया।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे जब रथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी कम से कम चार मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने—जिनके पीछे कथित तौर पर एक चार-पहिया वाहन भी था—उनकी गाड़ी को घेरकर रोक लिया और फिर बेहद करीब से उन पर गोलियां चला दीं।
छह से दस राउंड गोलियां चलीं
पुलिस को शक है कि हमले के दौरान छह से दस राउंड गोलियां चलाई गईं।
शुरुआती फोरेंसिक जानकारी के आधार पर, पुलिस का मानना है कि हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया, संभवतः Glock 47X पिस्तौल।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "इस तरह के हथियार का इस्तेमाल आमतौर पर आम अपराधी नहीं करते हैं। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर शूटर या सुपारी किलर शामिल थे।"
पश्चिम बंगाल के DGP सिद्धीनाथ गुप्ता ने बताया, “अपराध में इस्तेमाल की गई चार-पहिया गाड़ी को ज़ब्त कर लिया गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि उसकी नंबर प्लेट नकली है। हमने घटनास्थल से ज़िंदा कारतूस और खाली कारतूस बरामद किए हैं। CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की जांच की जा रही है।”
शुरुआती जांच से पता चला है कि हमलावरों ने—जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे चार मोटरसाइकिलों पर सवार थे—हवाई अड्डे के पास से रथ की SUV का पीछा किया और एक सुनियोजित तरीके से इस हमले को अंजाम दिया। चश्मदीदों का दावा है कि दोहरिया के पास अचानक एक और गाड़ी ने रथ की कार का रास्ता रोक दिया, जिसके बाद हमलावर आगे बढ़े और बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाईं। Bengal News
रथ की एसयूवी जैसे ही रुकी, हमलावर गाड़ी के बगल में आ गए और सामने की सीटों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। रथ को सीने और पेट में गोलियां लगीं; डॉक्टरों ने बाद में बताया कि गोलियां उनके दिल और पेट को भेद गई थीं। उनके ड्राइवर, बुद्धदेव बेरा को सीने, पेट और पैर में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है, उनका इलाज चल रहा है।
चश्मदीद ने क्या बताया?
एक चश्मदीद ने एएनआई को बताया, "जैसे ही चंद्रा की कार मेरी कार के पास से गुज़री, वह अचानक बीच रास्ते में ही रुक गई; तभी बाइक पर सवार एक व्यक्ति आया और कार के बाईं ओर से गोलीबारी शुरू कर दी। हमलावर देखने में काफ़ी माहिर लग रहा था और वह तुरंत ही वहां से फ़रार हो गया। गोलियां बेहद करीब से चलाई गई थीं।"
स्थानीय लोग रथ और बेरा को पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने रथ को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के मालिक प्रतीम सेनगुप्ता ने कहा, “जब रथ को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में बेरा को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।”
यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के 48 घंटे से भी कम समय के भीतर हुई। इससे एक ज़बरदस्त राजनीतिक तूफ़ान खड़ा हो गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस हमले को "बेरहमी से की गई और पहले से सोची-समझी हत्या" बताया। उन्होंने कहा, "दो-तीन दिनों तक रेकी की गई थी, और यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। यह बंगाल में पिछले 15 सालों से चल रहे 'महाजंगल राज' का नतीजा है।" उन्होंने BJP कार्यकर्ताओं से जवाबी कार्रवाई न करने की अपील की।
पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हत्या को एक 'सोची-समझी और जान-बूझकर की गई साज़िश' बताया, जिसका मकसद एक राजनीतिक संदेश देना था।
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की और कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की; साथ ही, राज्य के अन्य हिस्सों में चुनाव के बाद हुई हिंसा के लिए "BJP-समर्थित बदमाशों" पर आरोप भी लगाया। Bengal News
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