कोलकाता के कई इलाक़ों के साथ–साथ उत्तर बंगाल के जिलों में भी धरती हिलने की जानकारी मिली है। कूचबिहार और दिनाजपुर जैसे ज़िलों में लोगों ने पंखे, खिड़कियां और दीवारों पर टंगे सामान हिलते देखे। कई आवासीय और व्यावसायिक इमारतों से लोग कुछ समय के लिए नीचे खुले स्थानों पर आ गए।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शुक्रवार सुबह धरती हल्के लेकिन साफ तौर पर कांपती हुई महसूस की गई। सुबह ठीक 10 बजकर 10 मिनट पर आए इस भूकंप के झटके न सिर्फ कोलकाता और आसपास के इलाक़ों, बल्कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका तक महसूस किए गए। प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.6 दर्ज की गई।
भूकंप विज्ञान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के अनुसार, इस झटके का केंद्र बांग्लादेश के टुंगी क्षेत्र के पास दर्ज किया गया। यूरोपियन–मेडिटेरेनियन सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि टुंगी से करीब 27 किलोमीटर पूर्व में स्थित केंद्र की गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। कम गहराई की वजह से झटके अपेक्षाकृत तेज़ महसूस हुए और बड़ी आबादी वाले इलाकों में कंपन साफ़ महसूस हुआ। कोलकाता के कई इलाक़ों के साथ–साथ उत्तर बंगाल के जिलों में भी धरती हिलने की जानकारी मिली है। कूचबिहार और दिनाजपुर जैसे ज़िलों में लोगों ने पंखे, खिड़कियां और दीवारों पर टंगे सामान हिलते देखे। कई आवासीय और व्यावसायिक इमारतों से लोग कुछ समय के लिए नीचे खुले स्थानों पर आ गए।
राहत की बात यह है कि पूरे पश्चिम बंगाल से अब तक किसी तरह की जान–माल की हानि या बड़े ढांचागत नुक़सान की सूचना नहीं है। जो लोग उस समय सड़कों पर चल रहे थे या वाहनों में सफर कर रहे थे, उनमें से कई को कंपन का अहसास तक नहीं हुआ। थोड़ी देर की हलचल और बातचीत के बाद ज़्यादातर लोग फिर से अपने घरों और काम पर लौट आए। प्रशासन
इसी दिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी भूकंप आया। सुबह 3 बजकर 9 मिनट पर महसूस किए गए इन झटकों की तीव्रता 5.2 दर्ज की गई और इसका केंद्र धरती के लगभग 135 किलोमीटर भीतर था। गहराई ज्यादा होने की वजह से झटकों का प्रभाव सीमित दायरे में रहा।नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात हिंद महासागर क्षेत्र में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा अफगानिस्तान में भी धरती हिली, जहां लगभग 190 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई।