
Bhagwant Mann: पंजाब की जनता (Bhagwant Mann) ने एक बार फिर बता दिया कि वह हर पांच साल बदलाव चाहती है। पंजाब विधानसभा (Bhagwant Mann) के लिए पिछले दिनों हुए चुनाव परिणाम में आम आदमी पार्टी ने पंजाब में कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया है। पंजाब की अधिकांश विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों ने रिकार्ड जीत दर्ज की है। अब पंजाब के सीएम आप के सीएम प्रत्याशी भवगंत मान (Bhagwant Mann) बनने जा रहे हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि भगवंत मान कौन हैं।
आजादी के बाद पंजाब में भगवंत मान के 17वें मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने धुरी विधानसभा सीट से जीत हासिल कर ली है और कांग्रेस के उम्मीदवार दलबीर सिंह गोल्डी को परास्त किया है।
2014 में बने थे सासंद भगवंत मान ने साल 2014 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर संगरूर सीट से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वो वर्ष 2019 में भी अपनी सीट बचा पाने में सफल रहे। इस बार विधानसभा में वो जिस सीट पर अपनी किस्मत आजमा रहे थे वो उनके लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत ही आती है।
यहां हुआ था जन्म भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में जाट सिख परिवार में हुआ था। भगवंत मान शुरुआत से ही भारतीय राजनीति के विषयों पर कॉमेडी करते थे। उनका पहले कॉमेडी एल्बम जगतार जग्गी के साथ आया था। दोनों ने साथ में ईटीसी पंजाबी के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत की थी जिसका शीर्षक 'जुगनू केंदा है' ( जुगनू कहता है) था। दस साल बाद वो एक दूसरे से अलग हो गए। इसके बाद में मान ने राणा रणबीर के साथ साझेदारी की। उन्होंने ईटीसी पंजाबी के लिए एक नए कार्यक्रम जुगनू मस्त-मस्त की शुरुआत की।
ऐसे मिली थी पहचान 2008 में भगवंत मान स्टार प्लस के कॉमेडी शो ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में भाग लिया था। लेकिन वो उस शो में जीत हासिल नहीं कर सके थे। उनकी अभिनीत एक फिल्म मैं मां पंजाब दी (मैं पंजाब की मां) को नेशनल अवार्ड भी मिला था।
2011 में उन्होंने पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब का दामन थामा था। भगवंत मान के राजनीतिक करियर की शुरुआत 2011 में पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब के साथ हुई। 2012 में पंजाब विधानसभा चुनाव में वो लेहरा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2014 में आम चुनाव से पहले भगवंत मान ने आप का दामन थामा और संगरूर से लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे और विजयी रहे। 2014 में आम आदमी पार्टी को पंजाब में चार सीटें लोकसभा चुनाव में मिली थी जिसमें वो भी एक विजयी उम्मीदवार थे। उन्होंने दो लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी। भगवंत मान ने सामाजिक सरोकारों की शुरुआत गैर सामाजिक संस्था लोक लहर फाउंडेशन के साथ की थी। उन्होंने अपनी एनजीओ के बैनर तले कैंसर पीड़ितों और दिव्यांग बच्चों की मदद की, जो प्रदूषित पानी की वजह से इसकी चपेट में आए थे।
परिवार में कौन-कौन भगवंत मान के पिता का नाम मोहिंदर सिंह और माता का नाम हरपाल कौर है। उन्होंने इंद्रप्रीत कौर के साथ शादी की थी जिनसे उन्होंने सांसद बनने के एक साल बाद तलाक ले लिया था। उनका एक बेटा और एक बेटी है दोनों बच्चे मां के साथ अमेरिका में रहते हैं।
शिक्षा भगवंत मान 12वीं पास हैं। उन्होंने पटियाला के शहीद उधम सिंह कॉलेज से बीकॉम करने के लिए प्रवेश लिया था, लेकिन पहले साल के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और ग्रेजुएशन नहीं कर सके।