
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला (Big decision of Uttar Pradesh government) सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला हर किसी के ऊपर असर डालने वाला फैसला है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला पूरे प्रदेश में 01 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले को लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। हम यहां आपको विस्तार के साथ बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार का नया बड़ा फैसला क्या है? हम आपको यह भी बताएंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला आपके ऊपर क्या असर डालेगा?
उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) का बड़ा फैसला यह है कि उत्तर प्रदेश के सभी एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स (Toll Tax) के रेट बढ़ाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर टोल के रेट बढ़ जाने के कारण उत्तर प्रदेश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना महंगा हो जाएगा। टोल टैक्स (Toll Tax) के बढ़े हुए रेट 01 अप्रैल 2025 से लागू करने की योजना बनाई गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने टोल टैक्स बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को हरी झंडी दे दी है। यूपीडा को ही तय करना है कि उत्तर प्रदेश के कौन से एक्सप्रेसवे पर कितना अधिक टोल टैक्स बढ़ाना है। अभी तक उत्तर प्रदेश के ज्यादातर एक्सप्रेसवे पर 9 रूपए प्रति किलोमीटर के आसपास टोल टैक्स वसूला जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 9.24 रूपए प्रति किलोमीटर टोल टैक्स की दर निर्धारित है। वहीं उतर प्रदेश के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 8.63 रूपए प्रति किलोमीटर टोल टैक्स की दर निर्धारित है। यह दर एक तरफ से यात्रा करने के लिए है। दोनों तरफ से यात्रा करने पर यह दर डबल हो जाती है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल, एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के नाम से एक्सप्रेसवे बने हुए हैं। इन सभी एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स बढ़ाया जाएगा। टोल टैक्स बढ़ाने के लिए यूपीडा सलाहकार कंपनी का चयन करेगा। माना जा रहा है कि कम से कम 5 फीसदी शुल्क बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने नई दरों की गणना के लिए सलाहकार कंपनियों को आमंत्रित किया है। एक्सप्रेसवे का टोल शुल्क एक अप्रैल से थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़ाया जाता है। टोल की नई दरों की गणना एक तरफ यात्रा, रिटर्न यात्रा और मासिक पास के आधार पर की जाएगी। पिछले वर्ष आम चुनाव की वजह से टोल में मामूली वृद्धि की गई थी। तब बोझ भारी वाहनों पर डाला गया था। दो पहिया, तीन पहिया, कार जैसे वाहनों को इससे मुक्त रखा गया था। UP News :