
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को जानकारी दी कि उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और विपक्ष के नेता सहित कुल 146 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इस प्रस्ताव में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को पद से हटाने की सिफारिश की गई है। अध्यक्ष बिरला ने बताया कि प्रस्ताव में न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ कदाचार के गंभीर आरोप दर्ज हैं। नियमों के तहत प्रस्ताव की समीक्षा के बाद उन्होंने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्णय लिया है। Justice Yashwant Verma
यह समिति सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जबकि इसमें मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वी.बी. आचार्य सदस्य के रूप में शामिल होंगे। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि यह समिति नियमों और प्रक्रिया के अनुसार गठित की गई है और अब आरोपों की गहन पड़ताल करेगी। Justice Yashwant Verma