Tuesday, 23 July 2024

Big News : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एलजी नहीं, सीएम हैं दिल्ली के असली बॉस

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से बहुत बड़ी खबर आ रही है। यह खबर केंद्र की बीजेपी सरकार के…

Big News : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एलजी नहीं, सीएम हैं दिल्ली के असली बॉस

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से बहुत बड़ी खबर आ रही है। यह खबर केंद्र की बीजेपी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल वीके सक्सेना के बीच के विवाद पर बड़ा फैसला दिया है। इस फैसले ने केंद्र की मोदी सरकार पर पिछले दरवाजे से चुनी हुई दिल्ली सरकार चलाने की मंशा धरी की धरी रह जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आभार जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली के लोगों के साथ न्याय करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से शुक्रिया। इस निर्णय से दिल्ली के विकास की गति कई गुना बढ़ेगी।

Big News

Maharashtra: गर्लफ्रेंड किया ब्रेकअप तो बॉयफ्रेंड ने कटर से गर्दन और चेहरा काटकर उतार दिया मौत के घाट

अफसरों की तैनाती का अधिकार सीएम को

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अधिकारियों की तैनाती और तबादले का अधिकार दिल्ली सरकार को होना चाहिए। यानि, दिल्ली के असली बॉस उपराज्यपाल नहीं, मुख्यमंत्री ही असली बॉस होगा। केंद्र सरकार ने 2021 में गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी ऑफ दिल्ली एक्ट (GNCTD Act) में संसोधन किया था। इसमें दिल्ली के उपराज्यपाल को कुछ और अधिकार दे दिए गए थे। आम आदमी पार्टी ने इसी कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया।

संविधान पीठ ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

चीफ जस्टिस ने संवैधानिक बेंच का फैसला सुनाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियों को सीमित करने को लिए केंद्र की दलीलों से निपटना जरूरी है। एनसीटीडी एक्ट का अनुच्छेद 239aa काफी विस्तृत अधिकार परिभाषित करता है। 239aa विधानसभा की शक्तियों की भी समुचित व्याख्या करता है। इसमें तीन विषयों को सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया है।

Big News

Political : शरद पवार और उद्धव ठाकरे से आज मुंबई में मिलेंगे नीतीश, तेजस्वी

नई नहीं थी एलजी और सरकार के बीच खींचतान

केंद्र शासित दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच खींचतान कोई नई बात नहीं है। दिल्ली के जितने भी उपराज्यपाल नियुक्त किए गए, उनका काम चुनी हुई सरकार के काम में अड़ंगा लगाना ही रहा है। यह कोई मौजूद एलजी वीके सक्सेना की बात नहीं है। इससे पहले भी जितने एलजी रहे हैं, उन पर भी केंद्र के इशारे पर ही काम करते रहने के आरोप लगते रहे हैं। एलजी के इस रवैये के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उस पर आज कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि दिल्ली की असली बॉस चुनी हुई सरकार, यानि मुख्यमंत्री ही हैं।

 

Related Post